Hindi News »Chhatisgarh »Bastar» कुलपति के लिए ऐसा अनुभव मांगा कि सारे प्राचार्य दौड़ से बाहर

कुलपति के लिए ऐसा अनुभव मांगा कि सारे प्राचार्य दौड़ से बाहर

पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में नए कुलपति की चयन प्रक्रिया शुरू होते ही विवि के अनुभवी प्रोफेसरों और कॉलेजों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:05 AM IST

पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में नए कुलपति की चयन प्रक्रिया शुरू होते ही विवि के अनुभवी प्रोफेसरों और कॉलेजों के प्राचार्यों ने भी कोशिशें शुरू कर दी हैं। चर्चा है कि इस बार राजधानी के कई प्रमुख कॉलेजों के अनुभवी प्राचार्य इस पद के लिए दौड़ में हैं। लेकिन उच्च शिक्षा विभाग ने इस पद की पात्रता के लिए एक ऐसी शर्त लगा दी कि राजधानी के प्राचार्य दौड़ से बाहर हो गए। शर्त यह रखी गई है कि कुलपति के लिए वह प्रोफेसर या समकक्ष पद वाले आवेदन कर सकते हैं, जिनके पास इस पद पर दस साल का अनुभव हो। इस शर्त ने राज्य के प्रमुख कॉलेजों के प्राचार्यों को इस स्थिति में ला खड़ा किया है कि वे आवेदन ही नहीं कर पाएंगे।

रविवि में नए कुलपति के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 26 फरवरी तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। संभावना है कि अप्रैल-मई में पं. रविशंकर विवि को नया कुलपति मिल जाएगा। अभी डा. एसके पांडेय रविवि के कुलपति हैं। उनका कार्यकाल मार्च में खत्म हो रहा है। इसलिए कुलपित की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस पद के लिए राजभवन की ओर से आवेदन मंगवाए गए हैं। लेकिन इस बार शर्तें कुछ सख्त कर दी गई हैं। भास्कर को मिली जानकारी के अनुसार प्रोफेसर या समकक्ष के तौर पर 10 साल के अनुभव के साथ एक शर्त यह भी है कि ऐसे लोगों का ग्रेड-पे 10 हजार रुपए होना चाहिए। यह ग्रेड-पे विश्वविद्यालय में प्रोफेसर होने के बाद ही होता है। इसके अलावा राजधानी के कुछ कालेजों के प्राचार्यों का ग्रेड-पे भी इतना ही है। लेकिन सभी अनुभव के मामले में पिछड़ गए हैं। सूत्रों के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े कालेजों में प्रदेश में एक-दो प्राचार्य ही हैं, जिनका अनुभव इस पद से मैच कर रहा है। लेकिन यह भी राजधानी के कालेजों में नहीं हैं। यहां ज्यादातर का अनुभव 8 से 9 साल का ही है। इसलिए वे इस पद के लिए आवेदन के पात्र ही नहीं हैं।

21वें कुलपति स्थानीय या बाहरी?

मई 1964 में विवि के पहले कुलपति डॉ. बीआर सक्सेना बने। डॉ. एसके.पांडेय मार्च 2009 में विवि के 20वें कुलपति बने। उनके दो कार्यकाल हुए हैं। रविवि के कई वरिष्ठ प्रोफेसर छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्य के विवि में कुलपति हैं। इनमें डॉ. रोहिणी प्रसाद अंबिकापुर विवि, डॉ. एसके.सिंह बस्तर विवि, डॉ. बीजी. सिंह पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विवि, डॉ. आरपी. दास बेरहामपुर विवि उड़ीसा और डॉ. एके. पति कुलपति गंगाधर मेहर विवि संबलपुर हैं। रविवि में अभी भी चार-पांच वरिष्ठ प्रोफेसर हैं। इनकी तरफ से आवेदन हो सकते हैं।

अनुभव पर हट चुके कुलपति : पिछली बार बिलासपुर विवि के कुलपति चयन में अनुभव का मामला ऐसा फंसा था कि कुलपति को आदेश होने के बाद ज्वाइनिंग से पहले ही हटाना पड़ा था। उनके पास भी 10 साल का अनुभव नहीं था। इसलिए इस बार अनुभव का प्रमाणपत्र भी मांगा जा रहा है।

अपनी ताकत बतानी होगी : कुलपति पद के आवेदन में प्रोफेसर एवं अन्य को 100 शब्दों में बताना होगा कि उनकी ताकत (स्ट्रैंथ) क्या है। 500 शब्दों में विवि को लेकर अपना विजन बताना होगा। शिक्षाविदों के मुताबिक इन्हीं से स्पष्ट होगा कि आवेदक के कार्यकाल में विवि डेवलप हो पाएगा या नहीं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bastar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×