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जीजा के कहने पर जुड़ा था नक्सल संगठन से उसने संगठन छोड़ा, साले ने भी किया समर्पण

जो जीजाजी कहेंगे वही मैं करूंगा... बंधन मूवी का यह डायलॉग अधिकांश जीजा-साले के लिए काफी प्रचलित है। कुछ ऐसा ही नक्सल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:05 AM IST

जीजा के कहने पर जुड़ा था नक्सल संगठन से 
उसने संगठन छोड़ा, साले ने भी किया समर्पण
जो जीजाजी कहेंगे वही मैं करूंगा... बंधन मूवी का यह डायलॉग अधिकांश जीजा-साले के लिए काफी प्रचलित है। कुछ ऐसा ही नक्सल संगठन में यह बंधन साथ-साथ चला। अपने जीजा के कहने पर साले ने नक्सल संगठन का दामन थामा, जीजा ने संगठन का साथ छोड़ा तो खुद ने भी हिंसात्मक रास्ते को छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। ईरपानार जैसी बड़ी घटना में शामिल रहने वाले अमदाई एलओएस का सदस्य सोनू राम उर्फ प्रकाश ने शनिवार को दंतेवाड़ा पहुंच आत्मसमर्पण किया। एएसपी गोरखनाथ बघेल ने बताया नक्सलियों की खोखली नीति से क्षुब्ध होकर जीजा-साले ने सरेंडर किया है।

आत्मसमर्पित नक्सली सोनू उर्फ प्रकाश

नक्सल लीडर के साथ कर चुका है काम

आत्मसमर्पित नक्सली सोनू ने बताया कि वह बचपन से ही नक्सल संगठन से जुड़कर कार्य कर रहा है। उसके जीजा संपत ने उसे नक्सल संगठन में जुड़ने प्रेरित किया था। इसके बाद वह बाल संघम सदस्य के रूप में भर्ती होकर पहले जनमिलिशिया सदस्य, फिर पूर्वी बस्तर डिवीजन कुआनार एरिया कमेटी अंतर्गत एलओएस सदस्य के रूप में काम कर रहा था। इस क्षेत्र की नक्सली लीडर रंजीता, नीति, सुरेश के साथ वह काम कर चुका है।

नक्सलियों की प्रताड़ना से तंग आकर छोड़ा संगठन

आत्मसमर्पित नक्सली सोनू ने बताया कि उसके जीजा संपत ने नक्सलियों की प्रताड़ना से तंग आकर करीब 6 महीने पहले नारायणपुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। जीजा के कहने पर ही मैं नक्सली संगठन से जुड़ा था। उनके जाने के बाद यहां और भी प्रताड़ना मिलनी शुरू हुई। जीजा ने नक्सल संगठन छोड़ा तो मैंने भी नक्सलियों की खोखली विचारधारा से तंग आकर नक्सल संगठन से तौबा करने का मन बनाया।

इरपानार जंगल में मुठभेड़, सामान बरामद

भास्कर न्यूज | नारायणपुर

जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत गुरुवार को इरपानार के जंगल में पुलिस जवानों और नक्सलियों की मुठभेड़ हो गई। करीब दो घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल की आड़ लेकर भाग गए। एसपी जितेंद्र शुक्ल ने बताया कि 27 मार्च को डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त पुलिस पार्टी सर्चिंग के लिए निकली थी। 29 मार्च को जैसे ही यह पार्टी इरपानार जंगल के पास पहुंची । पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में कोई भी जवान हताहत नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इसके बाद पुलिस ने घटना स्थल की जांच की तो जवानों काे मौके से 2 देशी ग्रेनेड, 2 पिट्‌ठू , एक जोडी नक्सली वर्दी, एक कैमरा फ्लैश स्वीच, सात नक्सली साहित्य, 2 प्लास्टिक टार्च , 5 जरकीन, रेडियो, कैंची और दवा बरामद की गई।

मुठभेड़ के बाद मौके से बरामद नक्सली सामान।

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