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अग्नि टीम बोली-नक्सली निर्दोषों को मार रहे, तब क्यों चुप हैं मानवाधिकार संगठन

5 दिन पहले नक्सलियों ने फुलपाड़ के कोलेंगपारा के ग्रामीणों की बुरी तरह पिटाई की थी। पूरे मामले को करीब से जानने...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 02:05 AM IST
Bastar - अग्नि टीम बोली-नक्सली निर्दोषों को मार 
 रहे, तब क्यों चुप हैं मानवाधिकार संगठन
5 दिन पहले नक्सलियों ने फुलपाड़ के कोलेंगपारा के ग्रामीणों की बुरी तरह पिटाई की थी। पूरे मामले को करीब से जानने अग्नि की टीम मंगलवार को फुलपाड के कोलेंगपारा पहुंची। यहां की वस्तुस्थिति का जायज़ा लिया, ग्रामीणों से बात की , इसके बाद दंतेवाड़ा पहुंच पत्रवार्ता की। अग्नि के पदाधिकारियों ने बताया कि जब हम गांव पहुंचे तो दहशत का माहौल था। यहां ग्रामीण पहले बात करने को तैयार नहीं थे, लेकिन बाद में खुलकर सारी बातें बताई। तीन ग्रामीणों को नक्सली बांधकर ले गए थे। इनके साथ बाकी 16 ग्रामीणों को जानवरों की तरह पीटा, क्योंकि वे सभी नक्सलियों की बुलाई मीटिंग में नहीं जा रहे थे। पीड़ित ग्रामीणों के लिए फोर्स तुरंत गांव पहुंची। पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया।

घटना को पूरे 5 दिन हो गए लेकिन अब तक न तो कोई मानवाधिकार, तथाकथित संगठन और न ही कोई राजनीतिक पार्टी ग्रामीणों से मिलने पहुंची है। यदि फोर्स से जुड़ा कोई मामला हो तो ये सभी सक्रिय हो जाते हैं, सुरक्षा बलों पर झूठे इल्जाम लगाते हैं। अग्नि के पदाधिकारी संपत झा ने कहा कि हम जिला अस्पताल में भर्ती ग्रामीण से भी मिले। नक्सलियों ने इसे भी बुरी तरह पीटा है, उसने बताया कि नक्सली विकास नहीं चाहते और हम चाहते हैं गांव का विकास हो। हम यह कहना चाहते हैं कि निहत्थे, निर्दोष को क्यों मार रहे, यदि दम रखते हो तो सीधे फोर्स से लड़ो।

हम इतने दिनों तक इंतजार कर रहे थे कि किसी संघ संगठन के लोग पीड़ितों से मिलने पहुंचे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। संपत ने कहा कि फोर्स काम करती है तो उन्हें अर्बन नक्सली बदनाम करते हैं। ये तथाकथित अर्बन नक्सली देश के खिलाफ वातावरण बनाने ज्यादा ध्यान देते हैं। यदि ये आरोप जवानों पर लगे होते तो अब तक कोहराम मचा दिया होता। हमने देखा अब ग्रामीण बदलाव चाहते हैं, वे गांव में विकास चाहते हैं। हमने गांव के एक पढ़े लिखे युवा से पूछा नक्सल समस्या का समाधान क्या, युवा ने जवाब दिया सड़क, पानी, और बिजली जिसे सरकार गांवों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है जो नक्सली होने नहीं देना चाहते। सुब्बाराव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव आया है, ग्रामीण नक्सलियों का साथ नहीं देना चाहते। गांव में भय का वातावरण बना हुआ है। पुलिस से आग्रह करेंगे एक बार सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित करें। अग्नि टीम में बालमती नागेश भी शामिल थीं।

दंतेवाड़ा. फुलपाड़ के ग्रामीणों से मिलने के बाद जिला मुख्यालय पहुंची अग्नि की टीम।

बस्तर को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी

इस टीम में शामिल आनन्द मोहन मिश्रा ने कहा कि हमें इतने दिनों तक लगा कि तथाकथित संघ संगठन मामले में कोई प्रतिक्रिया देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बस्तर को अपने अधिकारों की लड़ाई खुद लड़नी होगी। बाहर के लोग बस्तर को शतरंज की तरह खेल रहे हैं। हमारे लोग मारे जा रहे हम दुनिया को बताना चाहते हैं शोषक माओवाद है, जिसे तथाकथित बुद्धिजीवी महानगरों में बैठकर संचालित कर रहे हैं। आदिवासियों को संघर्ष की ओर ढकेल रहे। माओवादी फोर्स से सीधी लड़ाई लड़ें, निहत्थों को क्यों मार रहे हैं। अग्नि का शांति के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

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