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किसानों से डरकर विशेष सत्र बुलाया पर अब देर हो गई : विपक्ष

विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे व अंतिम दिन बुधवार को सदन में जोरदार टकराव होता रहा। विपक्ष ने कहा कि किसानों से...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:10 AM IST
विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे व अंतिम दिन बुधवार को सदन में जोरदार टकराव होता रहा। विपक्ष ने कहा कि किसानों से डरकर आनन फानन में विशेष सत्र बुलाया गया है। पर अब बहुत देर हो गई है। वहीं भाजपा के विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि कांग्रेसियों की प्रवृत्ति है कि नारा दो चुनाव जीतो, फिर जनता को भूल जाओ। इस नाटक का जवाब जनता नवंबर में देगी। जब इनकी सीटें अभी से आधी रह जाएंगी। हंगामे की वजह से विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल को सदन की कार्यवाही करीब दस मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अनुपूरक बजट पेश किया। अध्यक्ष ने इस पर चर्चा शुरू करवाई। विपक्ष की ओर से कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम ने शुरू से ही सरकार पर हमला बोला। उन्होंने विशेष सत्र के औचित्य पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या सीएम खुद अपनी विधानसभा में डरे हुए हैं। इसलिए आनन फानन में किसानों को बोनस देने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। पर अब बहुत देर हो गई। मोहन ने आरोप लगाया कि आरएसएस के अनुषांगिक संगठनों के सर्वे में साफ हो गया कि भाजपा चुनाव में केवल 22 सीटें मिलेगी। किसी सर्वे में 28 सीटें तक सीमित हो गई है। मीडिया (टीवी-चैनलों) को खरीद कर सर्वे दिखाया जा रहा है कि बस्तर में 11 सीटें भाजपा जीत रही है। प्रदेश में 13 सौ किसानों ने आत्महत्या की है। सरकार उनकी बात क्यों नहीं करती। बोनस सच में देना है तो पांच सालों का दे। मरकाम के खिलाफ भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने मोर्चा संभाला और कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि धान खरीदी के साथ ही किसानों को बोनस देंगे। विशेष सत्र में विपक्षी साथियों ने आज नाटक किया है। सरकार ने जिस दिन तय किया कि किसानों को बोनस देंगे उस दिन कांग्रेस ने बयान दिया कि चुनावी फायदा उठाने के लिए बोनस दिया जा रहा है। विपक्ष की ओर से अरूण वोरा, संतराम नेताम, कवासी लखमा ने सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर, प्रेमप्रकाश पांडेय, राजेश मूणत आदि विपक्ष के हमलों का जवाब देते रहे। चंद्राकर ने कहा कि पंजाब में सरकारी खर्च पर विधायकों को भेजकर पता कर लिया जाए कि वहां कितना बोनस बंटा है। ऐसे ही कर्नाटक में भी जहां इनकी मिली-जुली सरकार है।

आखिर बैल क्यों बिदका?

भाजपा विधायक ने सदन में कहा कि वे सदन में आने में 8-10 मिनट लेट हो गए। लोगों ने बताया कि जिस बैलगाड़ी में कांग्रेस नेता बैठ रहे थे वह बिदक गया। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि आखिर बैल क्यों बिदका? स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने फब्ती कसी कि अरे कहीं कोई कैजुअल्टी तो नहीं हुई? स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते उन्हें इसकी चिंता है। इतना सुनते ही कांग्रेस विधायक फिर चंद्राकर पर पील पड़े। अरूण वोरा समेत कई विधायकों ने कहा कि दुर्ग-भिलाई में डेंगू से 42 मौतें हुईं हैं। चार हजार मरीज अस्पतालों में हैं। उनकी चिंता करो। शराब का जिक्र आने पर भी पक्ष-विपक्ष में तीखी तकरार होती रही।

65 से एक भी सीट कम नहीं लाएंगे : सीएम डॉ. रमन

किसानों को बोनस वितरण के लिए लाए गए 2400 करोड़ के अनुपूरक बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह बेहद आक्रामक अंदाज में थे। उन्होंने विपक्ष को करारा जवाब देते हुए दावा कि विधानसभा चुनाव के बाद हम यहां से वहां तक (यानी सत्ता पक्ष से विपक्ष की सीटों तक) बैठेंगे। सीएम ने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगली बार जब हम यहां बैठेंगे तो हमारी संख्या आगे तक बढ़ जाएगी। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि ट्रक के पीछे लिखा होता है फिर मिलेंगे, तो अगली बार हम फिर मिलेंगे। अगली बार हम 48-49 में नहीं रुक जाएंगे, बल्कि 65 से एक भी सीट कम नहीं लाएंगे। विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सीएम ने कहा कि गांव, गरीब और किसान हमारी प्राथमिकता रही। नियत और नियति साफ हो तो पैसों की जरूरत अपने आप पूरी हो जाती है। देश मे ऐसा कोई राज्य नहीं है जिसके पास इतना शानदार प्रिक्योरमेंट सिस्टम है। गरीबी हटाओ के नारे लगाकर कांग्रेसी 60 साल तक देश पर राज करते रहे, लेकिन गरीबी नहीं हटी और बढ़ती चली गई।



नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद लोगों के जीवन मे बड़ा परिवर्तन आया। अन्नदाता प्रसन्न होगा तो उसके नतीजे बेहतर होंगे। विपक्ष उस नतीजे को लेकर घबरा गया है। 2013 में जो नतीजे आए थे, इस बार उससे भी बेहतर आएंगे। हमारी सीटें 65 से कम नहीं आएगी।

बैलगाड़ी से विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक।

ये सत्र नई परिपाटी, कांग्रेस राज से की तुलना

विधानसभा के सत्र का समापन हो गया। विदाई के दौरान में कई सदस्य भावुक हो गए। जब दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया तो विपक्ष के सदस्यों के अंदर की पीड़ा निकल रही है। आह और वाह के बीच का फर्क दिख रहा है। उच्चतम न्यायालय ने भी देर रात सुनवाई कर नई परिपाटी शुरू की थी। इसी तरह किसानों के लिए बुलाया गया ये विशेष सत्र नई परिपाटी की तरह है। इस मानसिकता से ऊपर उठना होगा कि गंभीर मुद्दों को लेकर ही विशेष सत्र बुलाया जाएगा, लोकहित से जुड़े मुद्दों को लेकर भी विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। सीएम ने कहा कि सरकार की वित्तीय स्थिति बिगड़ने की बात कही जा रही है। हमने किसानों से चार गुना ज्यादा धान खरीदा। कांग्रेस ने औसतन 39.61 लाख धान समर्थन मूल्य पर खरीदा। सिर्फ 5 क्विंटल धान खरीदा था। हमारी सरकार ने 7 करोड़ 53 लाख क्विंटल धान खरीदा। 95 हजार 180 करोड़ का भुगतान किया। हमने हर साल 50 लाख 30 हजार मीट्रिक टन औसत धान खरीदा है। नौ गुना ज्यादा भुगतान किया।

सिंहदेव ने किया सप्लीमेंट्री बजट का विरोध

नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने अनुपूरक बजट का विरोध करते हुए कहा कि आदिवासी किसान, महिला सभी वर्ग दुखी है। पत्रकार, वकील, डॉक्टर सभी अपनी सुरक्षा के लिये कानून की मांग कर रहे है। 15 साल में छत्तीसगढ़ में भय पनपा है। सिंहदेव ने स्काई योजना पर सरकार को सदन में घेरा। सिंहदेव ने कहा कि सरकार द्वारा दिया गया मोबाइल फट रहा है। मोबाइल के लिए सरकार के पास पैसा है, लेकिन दर्जनों कर्मचारी संघ जो हड़ताल पर बैठे है उनके लिये पैसा नहीं है। सिंहदेव ने सरकार को घेरते हुए कहा कि परंपरा तोड़कर आपने सत्र बुला लिया। इसका क्या मतलब है कि आप कल को गोली मार देंगे? यह मैं झीरम के संबंध कह रहा था। चुनाव आ गया है।

उस बार भी चुनाव आया था। आप कुछ भी करके बच नहीं सकते। आप अनुपूरक लेकर आए हैं। डीजल- पेट्रोल की अनैतिक वसूली की कटौती की बात करते तो कोई बात होती।

अटल की नकल करने के लिए भी अकल चाहिए : चंद्राकर

विधानसभा के विशेष सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे के खिलाफ टिप्पणियां करता रहा। इससे कभी माहौल गर्म हो जाता तो कभी हल्का-फुल्का। कांग्रेस विधायकों की बैलगाड़ियां रोकने पर जब भूपेश बघेल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी लोकसभा में बैलगाड़ी से जा सकते हैं तो हमें क्यों रोका जा रहा है। इस पर संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर बोल गए कि अटलजी की नकल के लिए भी अकल चाहिए। फिर क्या था, यह सुनते ही विपक्ष उन पर टूट पड़ा। बघेल ने कहा कि उनकी श्रद्धांजलि सभा में टेबल ठोक रहे थे। संवेदनशील कार्यक्रम में आपको पूरा देश जान चुका है। अजय ने कांग्रेस विधायकों के गुलाबी गमछे पर फिर तंज कसा। बोले ये लोग डॉ. रेणु जोगी को किनारे करते-करते खुद गुलाबी रंग मे रंग गए। बघेल ने कहा कि ये किसानों का रंग है। अब कुछ नहीं हो सकता। हालांकि डॉ. जोगी शांत भाव से बघेल की बात सुनती रहीं। मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव को निशाने पर लिया। बोले महाराजा सरगुजा एक दिन बैलगाड़ी की सवारी करने से कोई किसान नहीं हो जाता।

साइकिल पंचर हो गई : मारकंडेय

सिंहदेव, संतराम, बैज समेत कई विधायकों के साइकिल से आने पर सदन में टोकाटाकी होती रही। उन्हें पुलिस द्वारा रोके जाने के विरोध में संतराम ने नारे लगाने लगे पर किसी ने उनका साथ नहीं दिया। केवल बस्तर के विधायक चिल्लाते रहे। भाजपा विधायक नवीन मारकंडेय ने तंज कसा कि आप लोग साइकिल पर सवार होकर सदन में सत्ता तक पहुंचना चाहते हैं। साइकिल तो पंचर हो गई है। शिवरतन शर्मा ने कहा कि यूपी में इनके नेता साइकिल पर सवार होकर निकले थे, लेकिन वहां इनके विधायकों की संख्या मंत्री पुन्नूलाल मोहले के बच्चों से भी कम हो गई।