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इधर आयुष्मान भारत... उधर मेकॉज में 10 िदन सीटी स्कैन नहीं क्योंकि मशीन खराब

एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बस्तर संभाग के बीजापुर जिले से आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत करते हैं तो दूसरी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:20 AM IST

इधर आयुष्मान भारत... उधर मेकॉज में 10 िदन सीटी स्कैन नहीं क्योंकि मशीन खराब
एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बस्तर संभाग के बीजापुर जिले से आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत करते हैं तो दूसरी ओर संभाग मुख्यालय के मेकॉज में ही मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं नसीब नहीं हो रही हैं। मरीज सीटी स्कैन कराने भटक रहे हैं, लेकिन उनका सीटी स्कैन नहीं हो पा रहा है। मेकॉज में सीटी स्कैन मशीन पिछले दो साल से खराब पड़ी है, जिसे सुधरवानेे मेकॉज प्रबंधन उदासीन बना हुआ है। इसके बाद मेकॉज ने अपोलो बीएसआर से टाईअप कर सीटी स्कैन के मामलों को यहां भेजना शुरू कर दिया, जहां मरीजों को स्मार्ट कार्ड का लाभ भी मिल रहा था, लेकिन दो दिनों से अपोलो बीएसआर की सीटी स्कैन मशीन भी खराब है और कंपनी ने मेकॉज प्रबंधन को पहले से ही बता दिया है कि मशीन को बनवाने में कम से कम और दस दिनों का समय लगेगा। कंपनी के अल्टीमेटम के बाद भी मेकॉज प्रबंधन ने मरीजों को राहत देने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। मेकॉज के जिम्मेदार दो टूक कह रहे हैं कि वे सीटी स्कैन की व्यवस्था नहीं कर सकते और जिस भी मरीज को इसकी जरूरत होगी, उसे तुरंत हॉस्पिटल से रेफर कर दिया जाएगा।

शहर में तीन सीटी स्कैन सेंटरों में से दो बंद, जिस सेंटर की मशीन चालू, उससे मेकॉज का टाईअप नहीं : बस्तर जिले में तीन जगहों पर सीटी स्कैन की सुविधा मौजूद है। इसमें एक मेकॉज, दूसरा अपोलो बीएसआर और तीसरा चिखलीकर सीटी स्कैन एंड पैथोलॉजी लैब है। मेकॉज की सीटी स्कैन मशीन पिछले दो सालों से खराब पड़ी है। इसके अलावा टाईअप वाली मशीन भी खराब है। तीसरी मशीन जो चालू है, उसके संचालक से रेट के झगड़े को लेकर टाईअप नहीं हो पा रहा है।

प्रबंधन ने हाथ खड़े किए, अधीक्षक ने कहा-रायपुर रेफर करेंगे मरीजों को

जगदलपुर. मेकॉज के शिशु वार्ड में एक नंबर बेड पर कराहता मासूम उकास।

गरीबी और बेबसी ऐसी कि माता-पिता बस बच्चों को तड़पते हुए देख रहे

किरंदुल के रहने वाले ढाई साल के उकास के पेट में पानी भर गया है, जिसका उपचार कराने उसके पिता सुखराम ने उसे गुरूवार को मेकॉज में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने सीटी स्कैन करने की सलाह तो दे दी, लेकिन उसके पास इसके लिए पैसे नहीं थे। उसके पास स्मार्ट कार्ड या गरीबी रेखा कार्ड भी नहीं है। ऐसे में चार दिनों तक बिना सीटी स्कैन की जांच के ही बच्चा बेड पर पड़ा है। सोमवार को स्टाफ ने अस्पताल अधीक्षक को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने स्कैन फ्री कर दिया, लेकिन मशीन खराब है। ऐसे में बालक तिल-तिल मौत का इंतजार कर रहा है और बेबस परिजन भी आस लगाए बैठे हैं।

केस-1

सीधी बात

डॉ. अविनाश मेश्राम, मेकॉज के अधीक्षक

टाईअप वाली मशीन भी खराब हो गई क्या सर?

-हां, हो गई है।

मरीजों का सीटी स्कैन कैसे करवा रहे हैं?

-कुछ नहीं कर पा रहे हैं। कर भी क्या सकते हैं।

मतलब, मरीजों का सीटी स्कैन नहीं होगा क्या?

- हां, नहीं होगा, आने वाले 10 दिनों तक नहीं होगा।

कोई वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं क्या?

...और इधर मेकॉज के अधीक्षक डॉ. अविनाश मेश्राम कहते हैं कि मैं इस बारे में कुछ नहीं कर सकता

- हां कर रहे हैं, मरीजों को रायपुर रेफर करेंगे।

एक और निजी सेंटर है, उससे टाईअप क्यों नहीं करते?

- दो साल पहले उसने हमारे रेट पर स्कैन करने से मना कर दिया था, इसलिए उसे नहीं बुला रहे हैं।

एमओयू के बाद भी बीएसआर सेवा नहीं दे रही है, उस पर कार्रवाई करेंगे क्या?

- एक्शन लेने का तो मुझे नहीं पता, मैं कुछ भी नहीं बोल सकता।

सीटी स्कैन नहीं हुआ तो रातभर इंतजार किया, सुबह ले गए रायपुर

बीजापुर के रेड्‌डी की रहने वाली 35 साल की कोलावती बाइक से गिर गई थी, जिसे सिर में गंभीर चोटें आ गई थीं। बीजापुर में प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेकॉज रिफर किया गया था और उसे रविवार को दोपहर लगभग 2 बजे यहां भर्ती कराया गया। हेड इंजुरी होने के कारण डॉक्टरों ने उसे सीटी स्कैन कराने कहा, लेकिन दोनों ही मशीनों के खराब होने से आखिर में सोमवार को सुबह करीब 10 बजे उसे रायपुर रिफर कर दिया गया।

केस-2

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