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वरमाला से ठीक पहले पहुंची टीम और बोली... ठहरो, ये शादी नहीं हाे सकती!

जिला मुख्यालय में चल रही शादी में घराती व बाराती तब सकते में आ गए जब वहां बिन बुलाए मेहमान की तरह बाल संरक्षण टीम...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:05 AM IST
जिला मुख्यालय में चल रही शादी में घराती व बाराती तब सकते में आ गए जब वहां बिन बुलाए मेहमान की तरह बाल संरक्षण टीम पहुंची। ठीक वरमाला से पहले पहुंची टीम ने दूल्हे की उम्र कम होने के कारण ...ये शादी नहीं हो सकती की तर्ज पर शादी रुकवा दी। शादी के लिए लड़के की उम्र सिर्फ एक माह ही कम थी। हालांकि दोनों पक्ष इसे शादी नहीं बता सामाजिक आयोजन बताते रहे लेकिन वर वधु के लिबास ने आयोजन की पूरी हकीकत बयां कर दी। उन्हें शादी रोकनी पड़ गई।

टीम को सूचना मिली की टिकरापारा में नाबालिग बालक की शादी कराई जा रही है। टीम रात में पुलिस बल के साथ आयोजन स्थल पर पहुंची। वर व वधू को बुला पूछताछ की। शिकायत की जांच करने दोनों के उम्र से संबंधित दस्तावेज मांगे गए। लड़के से मिले दस्तावेज में उसकी उम्र शादी के लिए एक माह कम पाई गई। 29 मार्च को वह शादी के लिए निर्धारित आयु 21 वर्ष का होता। वधु से भी दस्तावेज मांगे गए लेकिन वह दस्तावेज पेश नहीं कर सकी। बालक की उम्र कम होने के कारण टीम ने तत्काल शादी रोकने कहा। दोनों पक्षों ने इसका विरोध किया। इसे शादी नहीं बता सामाजिक कार्यक्रम बताने की कोशिश लेकिन कड़ाई से पूछताछ व जेल जाने का डर दिखाने के बाद दोनों पक्षों ने शादी का आयोजन किया जाना स्वीकार कर लिया। टीम ने दोनों पक्षों को समझाईश दी और शादी रोक दी गई। कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना लारिया, संध्या साहू, काउंसल विनोद नाग समेत अन्य लोग मौजूद थे।

माता पिता से लेकर पंडित तक घिरे : पिछले साल 22 मई 2017 को भानुप्रतापपुर के जामड़ी गांव में नाबालिग बालक बालिका की शादी कराई जा रही थी। सूचना पर टीम ने रात में ही वहां पहुंच शादी रुकवाई। समझाईश पर दोनों पक्ष माने। टीम के लौटने के बाद शादी करवा दी।

कांकेर. टिकरापारा में नाबालिग की शादी रुकवाने पहुंची टीम।

नाबालिगों की शादी कराना अपराध, होगी कार्रवाई

जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना लारिया ने कहा टिकरापारा में कम उम्र बालक की शादी रुकवाई गई है। नाबालिगों की शादी करना कानूनी अपराध है। इसमें माता पिता, रिश्तेदार, शादी में शामिल मेहमान, बाराती, टेंट वाला, रसोईया समेत शादी कराने वाले पंडित के खिलाफ मामला दर्ज किया जाता है। यदि कहीं नाबालिग की शादी होती है तो बाल संरक्षण टीम या किसी सरकारी कर्मचारी तथा पुलिस को शिकायत की जा सकती है। शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

सालभर पहले ही ससुराल आ गई थी दुल्हन

लड़की साल भर से बिना शादी के लड़के घर पर रही थी। जांच में पाया गया लड़का काम के सिलसिले में जगदलपुर गया था। जहां उसका उक्त लड़की से प्रेम प्रसंग हो गया। लड़का जब वापस कांकेर आया तो लड़की भी भाग कर कांकेर आ गई। इसके बाद से वह टिकरापारा में लड़के परिवार के साथ उसके घर पर रह रही थी। लड़की के गायब होने के बाद भी उसके परिजन पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज नहीं कराए।

एमजी वार्ड की शादी पर है टीम की नजर

इसी तरह एमजी वार्ड की एक शादी पर भी टीम अपनी नजर बनाए हुए है। टीम को इस माह में नाबालिग की शादी होने की शिकायत मिली थी। जांच के दौरान 17 वर्षीय नाबालिग बालिका की मां ने शादी का आयोजन होने से इंकार कर दिया। शिकायत को देखते हुए टीम इस महिला के घर होने वाले आयोजनों पर नजर रखी हुई है। शिकायत यह भी है कि महिला ने पूर्व में भी अपनी नाबालिग बेटी की शादी कराई थी।