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मानव तस्करी, दो नाबालिगों की केरल में मौत, एक गंभीर

कांकेर| केरल के पल्लकड़ जिले के मन्नार गांव में 19 मार्च की तड़के हुए हादसे में छत्तीसगढ़ के दो नाबालिगों की मौत हो गई।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:10 AM IST

कांकेर| केरल के पल्लकड़ जिले के मन्नार गांव में 19 मार्च की तड़के हुए हादसे में छत्तीसगढ़ के दो नाबालिगों की मौत हो गई। एक गंभीर रूप से घायल मिला। घायल व एक मृतक कांकेर जिले के रहने वाले हैं जो दलालों के चंगुल में फंस बोर गाड़ी में काम करने हादसे के एक सप्ताह पूर्व ही केरल पहुंचे थे। रेस्क्यू टीम केरल पहुंची तो मन्नार में जिले के घायल समेत कुल 13 बालक मिले जो कांकेर से लाए गए थे। पूरा मामला मानव तस्करी का है।

जिला व पुलिस प्रशासन को 19 मार्च को सूचना मिली की केरल के मन्नार गांव में कांकेर के युवकों की मौत हो गई है। तत्काल रेस्क्यू टीम गठित कर केरल रवाना की गई। 26 मार्च को टीम के केरल पहुंचने के पहले ही मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतकों में एक कांकेर तथा दूसरा राजनांदगांव जिले का है। एक की शिनाख्ती बलिराम शोरी 15 वर्ष पिता धनिराम निवासी भानुप्रतापपुर तथा दूसरे की सूरजलाल शोरी 15 वर्ष पिता मंगूराम निवासी सीतागांव मानपूर राजनांदगांव के रूप में हुई।

घायल नाबालिग की मंगहूर थाना बड़गांव निवासी के रूप में शिनाख्ती हुई। तीनों बालक मन्नार में एक पेट्रोल पंप के पीछे सो रहे थे। 19 मार्च की सुबह 5.16 बजे बस चालक ने रिवर्स लेते इनके ऊपर वाहन चढ़ा दिया। दो की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक का पैर पहिए में आ गया। बोर गाड़ी मालिक ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया था जिसे टीम कांकेर लेकर आई। इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

बांदे का है दलाल: केरल से लाए युवकों ने बताया सभी बांदे इलाके के दलाल के माध्यम से बोर गाड़ी में काम करने पहुंचे थे। मानव तस्करी बड़ी संख्या में हो रही है। हादसे में मौत होने या घायल पर जानकारी सामने आती है।

आनन-फानन में किया गया अंतिम संस्कार

हादसे की सूचना मिलते ही टीम ने केरल पुलिस को मृतकों का अंतिम संस्कार नहीं करने कहा था। केरल पुलिस ने आनन फानन में मृतकों के परिजनों के पहुंचते ही इलेक्ट्रानिक शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया। इससे मामला संदेहास्पद हो गया। नाबालिगों से काम कराने के मामले में अबतक बोरवेल कंपनी के खिलाफ कोई मामला नहीं बना है।

जांच में मिले जिले के 13 युवक

टीम को जिले के 13 बालक बोर गाड़ी में काम करते मिले। इनमें 6 नाबालिग व 7 बालिग हैं। सभी बांदे-कापसी इलाके के हैं। एक बालक ओडिशा का है। सभी को टीम कांकेर ले आई। वहां किए गए काम का मेहनताना भी 2.55 लाख वसूल करने के अलावा मृतकों व घायल को कंपनी ने 50 -50 हजार तथा एसोसिएशन ने दस दस हजार दिए हैं।

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