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कनिष्ठ अभियंताओं के अधिकार घटाए गए, बिल पटाने 45 किमी जाना पड़ेगा

राज्य बिजली वितरण कंपनी ने पिछले महीने एक आदेश जारी कर विभाग के कनिष्ठ अभियंताओं के अधिकार कम कर दिए। उन्हें...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:15 AM IST
राज्य बिजली वितरण कंपनी ने पिछले महीने एक आदेश जारी कर विभाग के कनिष्ठ अभियंताओं के अधिकार कम कर दिए। उन्हें कार्यालय की जिम्मेदारी, वित्तीय प्रभार से मुक्त करते हुए केवल फील्ड व लाइन सुधार के लिए सुपरविजन की जिम्मेदारी दी है। अधिकार छीन जाने से जहां कनिष्ठ अभियंताओं में असंतोष है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता भी प्रभावित होंगे। इसके कारण क्षेत्र में ही 7-8 साल पहले बिजली बिल पटाने के लिए ग्राम नेवारी, फुलवारी, भोथाडीह के लोगों को 30 किमी दूर हथबंध जाना पड़ता था पर अब नए नियम के अनुसार हतबंध से ब्लॉक के अंतिम छोर 15 किमी और दूर सिमगा मुख्यालय जाना पड़ेगा।

इस संबंध में विद्युत विभाग भाटापारा के डीई जीपी अनंत का कहना है कि यह निर्णय उच्च लेवल द्वारा लिया गया है, जिसका हमें पालन करना ही होगा। जहां तक जनता की परेशानियों का सवाल है तो मेरे पास इसका कोई उत्तर नहीं है।

जिला भाजयुमो मंत्री रामकुमार साहू, सकलोर समिति अध्यक्ष संतोष चंद्राकर, सुनील बघेल, भटभेरा सरपंच प्रेम सिंह ध्रुव, मुकुट वर्मा, अमेरी के दिनेश्वर वर्मा सहित ग्रामीणों ने कहा कि विभाग के लाभ-हानि से हमें अधिक वास्ता नहीं है, लेकिन बिजली बिलों में सुधार कराने, नए कनेक्शन लेने, नाम परिवर्तन कराने जैसे कार्यों के लिए यदि आम आदमी को 30 से 45 किमी दूर जाना पड़ेगा तो वितरण कंपनी का यह निर्णय न्यायोचित न होकर जनता को परेशान करने वाला है।

भू-पंजीयन ऑफिस छिनने से पहले ही दिक्कत

भाजयुमो अध्यक्ष द्वारिका वर्मा, मंडल महामंत्री धनीराम साहू, हरीश वर्मा, कमलेश जायसवाल आदि ने कहा कि भू पंजीयन कार्यालय के वापस सिमगा जाने से हम पहले से ही परेशान हैं और तब भारी मशक्कत व निवेदन के बाद यहां पर 7-8 साल पहले खोले गए विद्युत वितरण कार्यालय को भी अनुपयोगी बनाकर हमें फिर से 45 किमी दूर सिमगा भेजा जाएगा तो इसे बिजली विभाग की अदूरदर्शिता पूर्ण निर्णय ही माना जाएगा।

दूर जाने से खर्च ज्यादा और परेशानी भी

लोगों का कहना है कि कनिष्ठ अभियंता के कार्यालय प्रभारी होने पर कम दूरी सफर कर उपभोक्ता अपना छोटा-मोटा कार्य बार-बार आकर शीघ्र एवं आसानी से करा लिया करते थे। जबकि सिमगा मुख्यालय में बैठने वाले सहायक अभियंता के पास स्वयं के साधन से ही जाया जा सकता है, क्योंकि यातायात के साधन कम हैं। और यदि उतनी दूर जाने के बाद एक बार में काम नहीं हो पाया तो दोबारा जाने में होने वाला खर्च एवं मानसिक परेशानियों को केवल अनुभव किया जा सकता है।