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कैंसर के पेशेंट को जांच के लिए भेज दिया पैदल, व्हील चेयर-स्ट्रेचर पर लगा है ताला

मरीज लक्ष्मण का बेटा साथ में चल रहा था। उससे बात की तो बोल पड़ा-यहां 14 दिन से भर्ती हैं।

Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 08:39 AM IST

रायपुर. ऊपर लगी फोटो डेंटल कॉलेज से जांच कराकर लौट रहे कैंसर के मरीज लक्ष्मण यादव की है। स्थिति इतनी गंभीर है कि मुंह में पाइप लगाकर जरूरी दवाएं दी जा रही हैं। शुक्रवार को इन्हें अंबेडकर अस्पताल से जांच कराने के लिए डेंटल कॉलेज भेजा गया, वो भी बिना व्हीलचेयर या स्ट्रेचर के। मुंह में पाइप लगाए लक्ष्मण जैसे-तैसे बेटे और बेटी के साथ डेंटल कॉलेज तक पैदल पहुंचे और जांच कराकर सुबह 11.45 बजे पैदल ही लौटे। वस्तु स्थिति यह है कि मेडिकल कॉलेज को सुपर स्पेशलिटी बनाने के लिए पर्याप्त बजट दिया गया है।

यहां 14 दिन से हैं, कोई सुनता ही नहीं


मरीज लक्ष्मण का बेटा साथ में चल रहा था। उससे बात की तो बोल पड़ा-यहां 14 दिन से भर्ती हैं। व्हील चेयर के लिए बोला तो कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ। इसलिए पैदल लेकर गए।

मदद के लिए हैं मेडिको सोशल वर्कर फिर भी...

अस्पताल में 124 स्ट्रेचर और 94 व्हील चेयर हैं। इनमें 29 व्हीलचेयर ओपीडी में रखी जाती हैं। मरीजों की मदद के लिए यहां मेडिको सोशल वर्कर हैं। लेकिन मरीजों को समय पर सहायता नहीं मिलती।

ताला सुरक्षा के लिए लगाया जाता है


अंबेडकर हॉस्पिटल के सुप्रीटेंडेंट डॉक्टर विवेक चौधरी ने बताया कि स्ट्रेचर और व्हील चेयर मरीजों के लिए ही हैं। यह आसानी से मिलें, इसके लिए मेडिको सोशल वर्कर रखे गए हैं। व्हीलचेयर नहीं मिलना गलत है। ताला सुरक्षा के लिए लगाया जाता है।