--Advertisement--

कॉलेज ने 37 ट्रेनी नर्सों को बंधक बनाया, 8 घंटे बाद पुलिस ने ताला तोड़कर निकाला

प्रैक्टिकल के दौरान लैब का एक इंस्टूमेंट टूट जाने के कारण हुआ ये सब।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 05:58 AM IST
चेहरों पर साफ दिखी दहशत, नर्सि चेहरों पर साफ दिखी दहशत, नर्सि

बिलासपुर. प्रैक्टिकल के दौरान लैब का एक इंस्टूमेंट टूट जाने के कारण बिलासा नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन ने 37 ट्रेनी छात्र-छात्राओं को बंधक बना लिया। सभी 8 घंटे तक कमरे में बंद रहे। बाद में एसडीएम व तहसीलदार की मौजूदगी में पुलिस ने ताला तोड़कर उन्हें बाहर निकाला।

वेइंग मशीन की कीमत करीब 1000-1200 रुपए ही थी

- सिविल लाइन थाना इलाके के मिशन अस्पताल के पास बिलासा नर्सिंग कॉलेज में गुरुवार को बीएससी चतुर्थ वर्ग के 37 छात्र-छात्राएं प्रैक्टिकल की परीक्षा देने गए थे। सभी लैब में थे। प्रैक्टिकल के दौरान वहां रखी वेइंग मशीन टूट गई। कॉलेज प्रबंधन को पता चला तो वह इसकी भरपाई के लिए दबाव बनाने लगे।

- छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन से अपने कॉशन मनी से यह राशि काट लेने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माने। अंततः सभी को बंधक बना लिया गया और एक कमरे में बंद कर दिया गया। शाम को उसके बाहर ताला जड़ दिया गया।

- वेइंग मशीन की कीमत करीब 1000-1200 रुपए ही थी। शाम को सिटी कोतवाली सीएसपी शलभ सिन्हा को सूचना मिली तो वे सिविल लाइन टीआई नसर सिद्दिकी के साथ नर्सिंग कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्रबंधन को फोन लगाकर बातचीत करने की कोशिश की, पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

- इसके बाद पुलिस ने एसडीएम व तहसीलदार को बुलाया और उनकी मौजूदगी में ताला तोड़कर छात्र-छात्राओं को वहां से बाहर निकाला। पीड़ितों ने थाने में आकर शिकायत की। पुलिस ने जबड़ापारा निवासी हेमंत साहू की रिपोर्ट पर बिलासा नर्सिंग कालेज के सीईओ एसके शर्मा सहित शिक्षक छाया, नीलम, मीनाक्षी के खिलाफ धारा 342, 34 के तहत जीरो में जुर्म दर्ज किया।

एक महिला गर्भवती भी थी
जिन लोगों को यहां बंधक बनाकर रखा गया था उनमें एक महिला गर्भवती थी। उसने सुबह से कुछ खाया-पिया नहीं था।