बिलासपुर

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फल के नाम पर बिक रही बीमारियां, फ्रूट्स के सारे सैंपल फेल, 20 को भेजा नोटिस

कई दुकानों से बड़ी कंपनियों के सामान तक मिसब्रांड और अमानक पाए गए हैं।

Danik Bhaskar

Dec 28, 2017, 07:54 AM IST
बिलासपुर के दुकानों में सड़क कि बिलासपुर के दुकानों में सड़क कि

बिलासपुर. बिलासपुर में फल के कारोबारी अंगूर, केला, सेब अनार और दूसरे फ्रूट के नाम पर बीमारी बेच रहे हैं। इसे यहां के लोग बकायदा पैसे देकर खरीद रहे हैं। आम लोगों के भरोसे और सेहत के साथ खिलवाड़ का यह खेल महीनों से जारी है। इसका खुलासा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में सामने आया है। यहां बड़े बाजारों से फलों के सैंपल उठाए गए थे। इसे जांच के लिए रायपुर भेजी गई। हैरानी की बात यह कि इनमें सारे सैंपल फेल हो गए हैं। कई फलों में हार्मफुल कैमिकल पाए गए हैं। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने 20 फल व्यापारियों को नोटिस देकर अव्यवस्था सुधारने की बात कही है।

सभी सैंपल में मिले हार्मफुल कैमिकल, खाने योग्य नहीं
- खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को फलों में गड़बड़ी की शिकायत महीनों से मिल रही थी। व्यापारियों पर आरोप लग रहे थे कि वे दुकानों में मशीन लगाकर फलों को पकाने का धंधा कर रहे हैं। इनमें कई तरह के ऐसे कैमिकल का इस्तेमाल चल रहा है, जिससे जनता की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।

- दूसरे शब्दों में इसे ही बीमारी का नाम दिया गया है। शिकायत के बाद फूड डिपार्टमेंट की टीम ने तिफरा फल सब्जी मंडी और शनिचारी सहित कई बाजारों में पहुंचकर केला, अंगूर, अनार सेब के सैंपल उठाए। इसे जांच के लिए रायपुर स्थित लैब भेजी गई। वहां से मिली रिपोर्ट चौंकाने वाली थी।

- रिपोर्ट में साफताैर पर यहां के फलों को अनसेफ माना गया। आम भाषा में असुक्षरित यानी जनता की सेहत से खिलावाड़ करने वाली बताई गई। इसके बाद हरकत में आए विभाग के अधिकारियों ने 20 कारोबारियों को नोटिस भेजा। खाद्य विभाग के प्रभारी देवेंद्र विन्ध्यराज के मुताबिक अभी उन्हें अव्यवस्था दुरुस्त करने की बात लिखी गई है। आने वाले दिनों में इनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

इन दुकानों से उठाए थे सैंपल, छोटे कारोबारी तक यहीं से पहुंचती है फल
यहां के अफसरों ने उन स्थानों से फलों के सैंपल उठाए थे। जहां से छोटे कारोबारी तक इसे पहुंचाया जाता है। इनमें तिफरा फल सब्जी मंडी के श्री राम फ्रूट सेंटर से अंगूर और केला उठाए गए। सलूजा फ्रूट सेंटर से अनार के सैंपल लिए गए। इसके अलावा शनिचरी में सनत केला संेटर से केले और इसके किनारे बिना नेमप्लेट के पपीता सेंटर से पपीता, अनार, सेब के नमूने लिए गए। श्री राम फ्रूट के अंगूर को छोड़कर सारे फलों के नमूने अनसेफ निकले। यानी इसे खाने योग्य नहीं माना गया।

मामूली जुर्माने के बाद छूट जाते हैं दुकानदार, इसलिए सब चल रहा
कई दुकानों से बड़ी कंपनियों के सामान तक मिसब्रांड और अमानक पाए गए हैं। बिरयानी से लेकर बिस्किट तक के सैंपल फेल हो चुके हैं। कइयों पर कार्रवाई भी हुई है। इनके खिलाफ एडीएम कोर्ट से मामूली जुर्माना होता है। वे मिलावटखोरी का गोरखधंधा कर रहे हैं। ऐसा सालों से चल रहा है। हर साल किसी न किसी दुकान से सामान खराब मिलते हैं। चाहे पनीर हो या चाय की पत्ती, पैकेट में दूध हो या लड्‌डू, तकरीबन सभी तरह के सामान में मिस्ब्रांड, मिलावट होने की बात सामने आ चुकी है।

फल संचालक कैसे कर रहे लोगों की सेहत से खिलवाड़, जानें पूरा मामला

बिलासपुर के फल संचालकों की मनमानी चरम पर है। इससे पहले भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने शनिचरी स्थित कई दुकान संचालकों को कैमिकल डालकर फल नहीं पकाने की बात पर नोटिस भेजा था। प्रभारी अधिकारी देवेंद्र विन्ध्यराज के अनुसार वे यहां भी मशीन में ऐसे पदार्थ मिला रहे थे, जिससे लोगों को बीमारी हो सकती है। उन्हें इसके लिए चेताया गया था। डॉक्टर मरीज, बच्चे और बुजुर्गाें को फल खाने की सलाह देते हैं। ऐसे फलों से लोगों की सेहत बनने के बजाय बिगड़ेगी। उनके मुताबिक इसलिए उन्होंने नोटिस कई संचालकों से स्पष्टीकरण मांगा है।

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