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किराए का घर लेकर चलाते थे फर्जी कॉल सेंटर, लोगों से खाता नंबर लेकर करते थे फ्रॉड

कस्टमर सर्विस सेंटर की वेबसाइट से मोबाइल नंबरों का डाटा निकाल लेते थे।

Dainik Bhaskar

Dec 20, 2017, 08:55 AM IST
अंतर्राज्यीय गिरोह के 4 गिरफ्त अंतर्राज्यीय गिरोह के 4 गिरफ्त

बिलासपुर. सूरजपुर पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। ये लोग उत्तरप्रदेश के लखनऊ में किराए का मकान लेकर फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे और लोगों का एकाउंट नंबर लेकर रुपए निकालते थे। रामानुजनगर के नमना निवासी एक युवक भी इस गिरोह का शिकार हुआ था। सूरजपुर पुलिस ने उत्तरप्रदेश जाकर चारों आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया है।


- पुलिस ने बताया कि रामानुजनगर के नमना निवासी 25 वर्षीय फलेंद्र राजवाड़े ने 30 अक्टूबर को रामानुजनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने रिपोर्ट में पुलिस को बताया कि बैंक ऑफ इंडिया कियोस्क बैंकिग सर्विस देने के नाम पर उससे 2 लाख 16 हजार 752 रुपए की ठगी की गई है।

- मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। आईजी हिमांशु गुप्ता, एसपी आरपी साय, एडिशनल एसपी एसआर भगत व प्रेमनगर अनुविभागीय अधिकारी चंचल तिवारी के निर्देश पर फर्जी ठगी करने वालों का मोबाइल नंबर एवं बैंक से एकाउंट नंबर का डिटेल निकाला गया।

- इसके आधार पर पुलिस टीम को दिल्ली रवाना किया गया। यहां से पुलिस उत्तरप्रदेश के लखनपुर में गोमतीनगर हरजतगंज में किराए का मकान लेकर कॉल सेंटर संचालित कर रहे चार लोगों को गिरफ्तार कर सूरजपुर लेकर आई।

- इसमें प्रतापगढ़ जिला के बवरिया निवासी देवदत्त शुक्ला, इलाहाबाद जिला के सैदाबाद निवासी सुशील मिश्रा, नई दिल्ली के कापसहेड़ा निवासी मनीष चौहान व वैशाली विहार जिला के मोहजम्मा निवासी गौरव राज शामिल हैं। पुलिस चारों से मामले के संबंध में पूछताछ कर रही है।

आरोपियों से ये सामान किए गए जब्त

आरोपियों से चार सीपीयू, चार मॉनीटर, एक प्रिंटर, चार माउस, चार लैपटाप, चार की बोर्ड, 15 मोबाइल फोन, एक स्विफ्ट कार, दो बुलेट बाइक व दो फर्जी स्टांप जब्त किए गए हैं।

इस तरह गिरोह करता था लोगों से ठगी
- आरोपियों द्वारा कस्टमर सर्विस सेंटर की वेबसाइट से मोबाइल नंबरों का डाटा निकाल लेते थे। इन नंबरों पर फर्जी काल सेंटर से सर्विस देने के नाम संबंधित व्यक्ति को सीएससी होल्डर बनाने के नाम पर फोन करते थे। झांसा देकर सर्विस दिलाने वाली अपनी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराते थे।

- रजिस्ट्रेशन के नाम पर पहले 15 सौ रुपए अपने एकाउंट में जमा कराते थे। इसके बाद अलग-अलग सर्विस देने के नाम पर ग्राहकोंे से फर्जी तरीके से अपने एकाउंट में बड़ी रकम जमा करा लेते थे। बाद में अपने खाते से आरोपी रकम निकाल लेते थे।

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