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खली को ट्रेन और कार में सफर में हुई मुश्किल, नाश्ता करने बैठे तो परोसने वाले हैरान

खली की इस विजिट को सीक्रेट रखने के बावजूद वे कद-काठी से पहचान लिए गए।

Dainik Bhaskar

Jan 30, 2018, 03:02 AM IST
ग्रेट खली को एसयूवी में बैठने ग्रेट खली को एसयूवी में बैठने

अंबिकापुर. मध्यप्रदेश के सिंगरौली में आॅर्गनाइज एक प्रोग्राम में शामिल होने जा रहे डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलिंग के पूर्व चैंपियन द ग्रेट खली उर्फ दिलीप सिंह राणा का दुर्ग से अंबिकापुर के बीच ट्रेन का सफर जागकर पूरा हुआ। उनकी कद-काठी के मुताबिक ट्रेन में न तो बैठने और न ही सोने की जगह थी। रेलवे स्टेशन से सर्किट हाउस पहुंचने के दौरान खली के साथ सेल्फी खिंचाने लोगों में होड़ मची रही। खली की कुछ घंटे के शहर विजिट को पूरी तरह सीक्रेट रखा गया था, लेकिन ट्रेन में वे कद-काठी से पहचान लिए गए।

नाश्ते में 40 अंडे, दो किलो पोहा, दो किलो दलिया

सर्किट हाउस में खली का नाश्ता देख वहां के कर्मचारी भी हैरान रह गए। कर्मचारियों ने द ग्रेट खली को खूब खिलाया। सुबह के नाश्ते में खली को 40 अंडे, दो किलो पोहा, तीन पैकेट टोस्ट, चार पैकेट बिस्किट, दो किलो दलिया और चार कप कॉफ़ी के बाद दो कप चाय दी गई। यह नाश्ता खली रोज करते हैं। नाश्ते के बाद खली सिंगरौली के लिए रवाना हो गए।

एसयूवी में बैठने बनानी पड़ी जगह

- अंबिकापुर आने के बाद जब सिंगरौली जाने की बारी आई तो फिर इसी तरह की मुश्किल सामने आई। सीधे बैठने पर उनका सिर गाड़ी की छत से सटने लगा था। उनके लिए आई फार्च्यूनर स्पोर्ट एसयूवी के सामने की सीट को नीचे कर पीछे फोल्ड किया गया। इससे खली के गाड़ी में बैठने का जुगाड़ हो पाया और इसके बाद ही आगे का सफर पूरा हो पाया।

कहा- अंडर टेकर को देखने के बाद ही इस फील्ड में मैंने हाथ आजमाया

उन्होंने कहा कि अंडर टेकर को देखने के बाद ही इस फील्ड में मैंने हाथ आजमाया और अब वर्ल्ड रेसलिंग में कोई तमन्ना बाकी नहीं है। पहले इस खेल को कोई सपोर्ट नहीं था, लेकिन अब लोगों में इसका क्रेज बढ़ने के बाद सरकार से लेकर स्पॉन्सर तक सभी सपोर्ट कर रहे हैं।

खली बोले- रेसलिंग अंग्रेजों का खेल नहीं, इंडियन गेम है

खली ने कहा कि रेसलिंग अंग्रेजों का खेल नहीं है यह पूरी तरह भारतीय खेल है। यहां उतनी कद्र नहीं हुई तो विदेश ने इसे अपनाया, हालांकि अब मेरे बाद देश के कई खिलाड़ी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। इस दौरान कुश्ती संघ के अध्यक्ष विकास पांडेय एवं वेदांत तिवारी ने खली का स्वागत किया।

वर्ल्ड रेसलिंग में अब कोई तमन्ना बाकी नहीं

सुबह की ट्रेन से रायपुर से अंबिकापुर पहुंचे खली ने सर्किट हाउस में चर्चा के दौरान बताया कि हमारे द्वारा पंजाब में बनाई गई वर्ल्ड क्लास अकादमी में कई अच्छे रेसलर तैयार हो रहे हैं। एक महिला रेसलर यूएसए में डब्ल्यूडब्ल्यूई चैंपियनशिप में शामिल होने गई है।

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