--Advertisement--

ठगी का मामला : आरोपी बिल्डर को जमानत नहीं, हाईकोर्ट ने कहा- जेल से कराएं रजिस्ट्री

अधिराज इंफ्रा की योजनाआें में रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा में रहने वाले करीब 250 लोगों ने निवेश किया है।

Dainik Bhaskar

Mar 15, 2018, 04:32 AM IST
High court not granted bail to adhiraj builder

बिलासपुर. 250 से अधिक लोगों से ठगने के आरोपी अधिराज इंफ्रा के संचालक को 19 से 24 मार्च के बीच याचिकाकर्ताओं की जमीन की रजिस्ट्री करवानी होगी। यह आदेश हाईकोर्ट ने दिया है। कोर्ट ने आरोपी बिल्डर की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इसके साथ ही जेल प्रबंधन को जेल में रजिस्ट्री के सारे इंतजाम करने और उप पंजीयक को जेल जाकर सारी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस कंपनी के डायरेक्टरों समेत छह लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जो अभी रायपुर की जेल में बंद हैं।


अधिराज डेवलपर एंड बिल्डर्स ने अपने प्रोजेक्ट के नाम पर जमीन और अपार्टमेंट बेचने की स्कीम लांच की थी। इसमें रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, रायपुर के सैकड़ों लोगों ने निवेश किया। पूरी राशि देने के बाद भी कंपनी ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं की। लोगों ने पैसे वापस मांगे, लेकिन नहीं दिया गया। कोई कार्रवाई नहीं होने पर संजीव कुमार सिन्हा समेत करीब 41 अन्य लोगों ने वकील रोहित शर्मा के जरिए हाईकोर्ट में रिट पिटीशन क्रिमिनल लगाई। दिसंबर में प्रारंभिक सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अधिराज इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की अचल संपत्तियों के ट्रांसफर पर रोक लगा दी थी। मामले में जस्टिस गौतम भादुरी की बेंच में सुनवाई हुई।

अधिराज इंफ्रा के संचालक ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री करने के लिए जमानत मांगी। हाईकोर्ट ने यह मांग ठुकराते हुए 19 से 24 मार्च तक जेल से ही याचिकाकर्ताओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए हैं। रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने के लिए याचिकाकर्ताओं को पहले से जानकारी देने के लिए भी कहा है। जेल प्रबंधन को रजिस्ट्री के लिए जरूरी मदद, व्यवस्था करने को कहा है। प्रक्रिया पूरी करने के लिए उप पंजीयक को जेल जाने की अनुमति दी गई है। हाईकोर्ट ने 27 मार्च को अगली सुनवाई तय करते हुए राज्य शासन को जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

कॉल रिसीव नहीं करने के साथ दफ्तर भी बंद कर दिए थे
कंपनी के संचालक और जिम्मेदार लोगों ने कॉल रिसीव करना बंद कर दिया था। कंपनी के दफ्तर बंद कर दिए गए। कंपनी के लोगों ने निवेशकों को धोखा देने के लिए बिना नोटिस तामील किए ही एनसीएलटी कोर्ट मुंबई में आवेदन कर दिया। आवेदन पर कोर्ट ने निवेशकों की बैठक बुलाने के निर्देश दिए थे। अक्टूबर में बिलासपुर के त्रिवेणी भवन में बैठक हुई, लेकिन यह बेनतीजा रही। इस बैठक में जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद प्रभावितों ने प्रशासन और पुलिस से शिकायत की।

250 से अधिक लोगों ने योजनाआें में किया है निवेश, कई आरोपी हुए गिरफ्तार
अधिराज इंफ्रा की योजनाआें में रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा में रहने वाले करीब 250 लोगों ने निवेश किया है। बिलासपुर में ही करीब 100 लोगों के करोड़ों रुपए लगे हैं। बिलासपुर के एसआईयू ने कुछ दिनों पहले संचालक के सहायक शेखर विश्वास को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया था। कुछ समय पहले ही फर्म के संचालक आरोपी संतोष श्रीवास्तव व संदीप बड़ोदकर, रायपुर के जितेंद्र भाटिया, पत्नी जयंती भाटिया व आलोक वाजपेयी को रायपुर से गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी संतोष श्रीवास्तव की पत्नी सुषमा श्रीवास्तव भी कंपनी की संचालक है। आरोपियों को रायपुर से गिरफ्तार किया गया था। सभी वर्तमान में रायपुर सेंट्रल जेल में ही हैं।

X
High court not granted bail to adhiraj builder
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..