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तिरंगे से लिपटे शहीद पति को विदा करते जब बेसुध हुई पत्नी, साथ पूरा गांव रो पड़ा

एनकाउंटर के दाैरान जवानों की टीम को लीड करते हुए दी शहादत।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 26, 2018, 04:01 AM IST

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    शादी के एक साल बाद ही देश के लिए शहादत देने वाले पति के शव से लिपटकर रोती पत्नी।

    कोरबा(छत्तीसगढ़).नारायणपुर में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए सब-इंस्पेक्टर मूलचंद कंवर का उनके गृह ग्राम घनाडबरी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शाम 4 बजे शहीद सब-इंस्पेक्टर मूलचंद का पार्थिव शरीर गांव पहुुंचा। इस दौरान एंबुलेंस के पीछे बड़ी संख्या में युवा रैली की शक्ल में शहीद मूलचंद अमर रहे का नारा लगाते गांव पहुुंचे। गांव में पहले से ही परिजनों के अलावा हजारों की संख्या में लोग शहीद पुलिस अधिकारी को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे थे।

    अंतिम विदाई देते थम नहीं रहे थे आंसू
    - अप्रैल 2017 में मूलंचद कंवर की शादी करमंदी गांव की इंदुप्रभा से हुई थी। इंदूप्रभा जांजगीर पाॅलिटेक्निक कालेज में प्रोफेसर है। अपने जांबाज पति मूलचंद के शहीद होने की खबर से टूटकर रह गई। वहीं बहादुर बेटे को खोकर पिता बंधन कंवर व मांग मघन बाई के आंसू भी नहीं थम रहे थे। बेटे की शहीद हाेने पर गर्व के साथ दुख भी है।

    - अंतिम संस्कार के लिए तिरंगे से लिपटे मूलचंद के पार्थिव शरीर का गांव में स्कूल के पास ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। मूलचंद के व्यवहार का पूरा गांव पहले से कायल था, अब उनकी शहादत पर भी उनको गर्व है।

    परिवार ने कहा था ट्रांसफर करवाकर पास आ जाओ

    मूलचंद के परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी इंदूप्रभा कंवर और दो बहन राजबाई कंवर व रामबाई कंवर हैं। उनके तीन छोटेभाई चंद्रभवन सिंह कंवर, अमन कंवर व रामेश्वर सिंह कंवर है। चंद्रभवन ने बताया कि बड़े भाई उनको बेटे की तरह प्यार करते थे। आगे बढ़ने हर मदद के लिए तैयार रहते थे, घरवालों व मैंने खुद उनको कहा था कि अब आप ट्रांसफर कराकर पास आ जाओ, लेकिन वे पीछे हटना नहीं जानते थे।

    सभी इवेंट में टॉपर होने के साथ मिलनसार भी थे

    नारायणपुर नक्सली हमले में शहीद सब-इंस्पेक्टर मूलचंद कवंर व विनोद कौशिक के साथ ही 2013 में पुलिस अधिकारी बनने वाले उनके साथी आरके चंद्रवंशी ने बताया कि पुलिस में भर्ती होने से पहले वे बिलासपुर में साथ रहकर सिविल सर्विसेस की तैयारी कर रहे थे। मूलचंद पहले शिक्षा विभाग में थे। सब-इंस्पेक्टर बनने के बाद भी आगे तैयारी में जुटे रहते थे। सभी इवेंट में टॉपर होने के साथ मिलनसार थे।

    जब उनको गोली लगी तब भी वे अपने टीम को लीड कर रहे थे

    - नक्सल मोर्चे पर अक्सर उनके साथ रहने वाले उनके साथी पुलिस कर्मी मालिकराम केंवट ने बताया कि वे खुद नक्सलियों से मुकाबला करने वाली दूसरी पुलिस टीम में शामिल थे। पर उनके साथी मूलंचद दूसरी टीम के कमांंडर थे। मूलचंद हमेशा आगे बढ़कर मुकाबला करते थे। बुधवार की सुबह भी नक्सलियों से लोहा लेते समय जब उनको गोली लगी तब भी वे अपने टीम को लीड कर रहे थे।

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    शहीद मूलचंद सिंह कंवर की शादी के दौरान की तस्वीर।
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    शहीद एसआई मूलचंद कंवर।
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    बुधवार को नारायणपुर में हुई पुलिस नक्सली मुठभेड़ में जख्मी जवान।
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Web Title: Martyr Moolchand Kanwar Funeral
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