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तैरना नहीं आता था फिर भी डूब रहे साथी को बचाया, लड़की की उम्र 10 साल

तत्काल तालाब में कूद पड़ा और सुरक्षित बाहर निकाल लाया, जबकि उसे खुद तैरना नहीं आता।

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 07:54 AM IST

धमतरी. नगरी ब्लाक के ग्राम भुरसीडोंगरी के तालाब में 9 वर्ष का बालक पानी में डूब रहा था, तभी साइकिल से घर जा रहे सहपाठी की नजर उस पर पड़ी। वह उसे बचाने तत्काल तालाब में कूद पड़ा और सुरक्षित बाहर निकाल लाया, जबकि उसे खुद तैरना नहीं आता। घटना सोमवार शाम की है।

भुरसीडोंगरी निवासी आशीष नेताम (9) ने मिट्‌टी से मूर्ति बनाई थी, जिसे विसर्जित करने वह शाम को तालाब में गया था। गहरे पानी में चले जाने के कारण वह डूबने लगा, तभी तालाब के किनारे से साइकिल से गुजर रहे सहपाठी श्रीकांत गंजीर (10) की नजर उस पर पड़ी। तत्काल साइकिल को फेंककर उसने दौड़ लगाकर तालाब में छलांग लगा दी और आशीष को सुरक्षित बाहर निकाल लाया।

बाद में भास्कर को उसने घटना के बारे में विस्तार से बताया और किस तरह दोस्त की जान बचाई, तालाब में इसका डेमो करके भी दिखाया। श्रीकांत ने बताया कि उसे तैरना नहीं आता, लेकिन जब दोस्त को डूबते देखा, तो खुद को रोक नहीं सका। वह 5वीं में पढ़ता है और उसी स्कूल में आशीष चौथी में पढ़ता है।

श्रीकांत के पिता ने कहा- बेटे की बहादुरी पर गर्व है
श्रीकांतके पिता बीतेश गंजीर ने कहा कि बेटे की बहादुरी की बात सुनकर उनका सीना भी फूल गया। आशीष के पिता राधे नेताम ने कहा कि उसके डूबते हुए पुत्र को श्रीकांत ने बहादुरी दिखाकर बचाया, जिसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगा।

वीरता पुरस्कार मिलना चाहिए: भुरसीडोंगरी सरपंच
भुरसीडोंगरीके सरपंच सुखचंद मरकाम ने कहा कि दोनों बच्चे एक ही स्कूल में पढ़ते हैं। श्रीकांत की बहादुरी काबिले तारीफ है। उसे वीरता पुरस्कार मिलना चाहिए। इसकी मांग जल्द महिला एवं बाल विकास विभाग से करेंगे। अन्य ग्रामवासी भी श्रीकांत की सुझबूझ बहादुरी को देखते हुए उसे वीरता पुरस्कार दिलाने की मांग कर रहे हैं।