--Advertisement--

लड़की के किडनैपिंग की कोशिश का मामला: 17 दिनों बाद भी आरोपी का पता नहीं

11 दिसंबर को कार सवार युवकों ने चौथी की एक छात्रा के अपहरण की कोशिश की थी।

Dainik Bhaskar

Dec 28, 2017, 07:31 AM IST
11 दिसंबर को कार सवार कुछ युवकों 11 दिसंबर को कार सवार कुछ युवकों

अंबिकापुर. बिशुनपुर प्राइमरी स्कूल में छात्रा के अपहरण की कोशिश की वारदात के 17 दिनों बाद भी स्कूल में को लेकर शिक्षा विभाग फिक्रमंद नहीं है। इस स्कूल के पूरे परिसर को घेरकर सुरक्षित करने की बात तो दूर सामने में सालों पहले कराए गए बाउंड्रीवाल वाले हिस्से में शिक्षा विभाग गेट तक नहीं लगा पाया। गेट लगने से ही सामने से स्कूल परिसर से रास्ता बंद हो जाता। घटना के बाद डीईओ ने तत्कालिक व्यवस्था के तहत गेट लगाने के साथ ही पीछे के हिस्से में जल्द फेंसिंग कराने की बात कही थी।

वारदात के 36 घंटे बाद अज्ञात युवकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था
- बिशुनपुर प्राइमरी स्कूल में 11 दिसंबर को कार सवार कुछ युवकों ने समय से पहले स्कूल पहुंची चौथी की एक छात्रा के अपहरण की कोशिश की थी। पुलिस ने 36 घंटे बाद अज्ञात युवकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था।

- डीईओ संजय गुप्ता ने भी दूसरे दिन स्कूल जाकर पीड़ित छात्रा से मुलाकात कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली थी। इससे उम्मीद की जा रही थी कि बिशुनपुर स्कूल में शिक्षा विभाग गेट लगाने के साथ अधूरे बाउंड्रीवाल का निर्माण कराएगा लेकिन हालात अभी तक नहीं बदले हैंं।

- पुलिस भी आरोपियों के बारे में पता लगाने के नाम पर दो-तीन बार स्कूल तरफ जाने के बाद अब चुप बैठ गई है। बताया जाता है कि शिक्षा विभाग ने तो बाउंड्रीवाल को लेकर कोई कार्रवाई तक नहीं की है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं।

कमिश्नर के निर्देश पर शुरू हुआ था बाउंड्रीवाल निर्माण

बिशुनपुर प्राइमरी स्कूल में 2 साल पहले तत्कालीन कमिश्नर के निर्देश पर बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू हुआ था। तब जनपद पंचायत ने काम कराया था लेकिन सामने के हिस्से में ही बाउंड्री बनाकर विभाग ने पीछे का काम छोड़ दिया था। सामने में गेट भी नहीं लगाया गया। स्कूल प्रबंधन ने काम पूरा कराने शिक्षा विभाग के साथ दूसरे विभाग को लिखित रूप से कई बार जानकारी दी लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

जिले में 12 सौ से अधिक स्कूलों में बाउंड्रीवाल नहीं

सरगुजा जिले में 1895 प्राइमरी व मिडिल स्कूल हैं लेकिन इनमें से 1219 स्कूलों में बाउंड्रीवाल नहीं है। कई स्कूल मेन रोड में हैं। बजट नहीं आने की बात कहकर बाउंड्रीवाल तो नहीं बनाई जाती लेकिन बांस का घेरा सहित सुरक्षा के लिए फेसिंग तक की व्यवस्था के लिए कोई प्रयास नहीं किया जाता है। इस वजह ये स्कूल असुरक्षित हैं।

गाड़ी की सही जानकारी नहीं मिलने से हो रही दिक्कत

पुलिस ने जांच बंद नहीं की है। गाड़ी की सही जानकारी नहीं मिलने से पता नहीं चल रहा है। घटना के बाद से काले रंग की कई गाड़ियों को दिखाकर छात्रा से जानकारी ली गई लेकिन उससे कोई मदद नहीं मिली। पुलिस अभी भी स्कूल के समय पेट्रोलिंग पर उधर जाती है।
-इमानुएल लकड़ा, प्रभारी थाना , गांधीनगर

बीईओ को प्रपोजल बनाकर गेट लगाने कहा गया है
बीईओ को प्रपोजल बनाकर बिशुनपुर स्कूल में गेट लगाने के लिए कहा गया है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। वैसे अभी स्कूल भी छुट्‌टी के कारण बंद हैं। स्कूल शुरू होने से पहले वहां गेट लगा दिया जाएगा। पीछे वाले हिस्से में बाउंड्रीवाल के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
-संजय कुमार गुप्ता, डीईओ, सरगुजा

X
11 दिसंबर को कार सवार कुछ युवकों11 दिसंबर को कार सवार कुछ युवकों
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..