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सोशल मीडिया के जरिए खड़ी की 43 हजार वालंटियर्स की टीम, सैकड़ों का हुआ इलाज

संजय मिश्रा | Last Modified - Jan 08, 2018, 06:40 AM IST

कैम्पेन को आगे बढ़ाने तैयार माेबाइल ऐप देश के 6 हजार स्टार्टअप प्रोजेक्ट में सिलेक्ट।
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    रिया के साथ रविंद्र।

    बिलासपुर.छोटे भाई की असमय मौत से आहत रविंद्र क्षत्री अब सैकड़ों लोगों का जीवन बचाने में जुटे हैं। उनके प्रयासों से महज दो साल के अंदर सोशल मीडिया के जरिए देश के 15 राज्यों और विदेशों से 43 हजार वालंटियर्स की टीम खड़ी हो गई है। ये सड़क हादसे के शिकार या गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों की हर हालत में मदद करते हैं। घायल को अस्पताल में भर्ती करने से ठीक होने तक उसका साथ देते हैं। रविंद्र ने मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए एक माेबाइल ऐप भी बनाया है, जिसका चयन देश भर के 6 हजार स्टार्टअप प्रोजेक्ट में हो चुका है।

    भाई की याद में की फाउंडेशन की स्थापना

    रविंद्र के छोटे भाई सुमित को टकायासू हार्टराइटिस नामक बीमारी थी जो 10 लाख में से एक को होती है। उसके इलाज के लिए रविंद्र को नाैकरी तक छोड़नी पड़ी, लेकिन 16 फरवरी 2015 को सुमित की मौत हो गई। उसकी याद में रविंद्र ने सुमित फाउंडेशन की स्थापना की। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों की मदद करनी है जो सरकारी प्रक्रिया, अज्ञानता और आर्थिक कारणों से इलाज नहीं करा पाते।

    कैसे काम करता है ये ऐप?

    रविंद्र ने फेसबुक और वॉट्सऐप पर जीवनदीप नाम का ग्रुप बनाकर स्थानीय स्तर पर 40 युवाओं की टीम तैयार की। यह टीम इलाज के लिए आर्थिक मदद तो करती ही है, कलेक्टर, राज्य सरकार और पीएमओ तक पत्र भेजने में भी मदद करती है। टीम में डॉक्टर, पत्रकार, समाजसेवी जुड़े हैं। इसमें 15 राज्यों के करीब 40 शहरों के अलावा दुबई, कैलिफोर्निया व टोरंटो से भी लोग जुड़े हैं। रविंद्र चाहते हैं कि अस्पताल खोलकर लोगों की मदद करें।

    मदद के दो केस: पैसों की मदद के साथ, अस्पताल में इलाज भी

    1. स्कूली छात्र संदीप निर्मलकर सड़क हादसे में घायल हो गया था। इलाज के दौरान उसके गले में एक छेद किया गया। इससे संक्रमण हो गया। उसका बोलना तक बंद हो गया। जानकारी मिलने पर वालंटियर्स ने पैसे जुटाकर उसका इलाज सीएमसी वेल्लोर में कराया।

    2. सब्जी विक्रेता की 6 साल की बेटी रिया को नेफ्रोटिक सिंड्रोम हो गया था। इसमें समय पर सही इलाज न हो तो किडनी खराब भी हो जाती है। जीवनदीप ने इसे गोद ले लिया। पूरा इलाज कराया। आज रिया एकदम ठीक है।

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    संदीप निर्मलकर।
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Web Title: Startup And Initiative To Help People
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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