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स्टूडेंट ने फांसी लगाई, दो दिन पहले आखिरी बार घर वालों से की थी बात

रात को पुलिस वहां पहुंची पर अंधेरा होने के कारण शव को नीचे नहीं उतारा जा सका।

Dainik Bhaskar

Dec 21, 2017, 08:54 AM IST
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बिलासपुर. मेडिकल (बीएचएमएस) छात्र ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। वह द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। छात्र के खुदकुशी करने के कारणों का अभी पता नहीं चला है। पुलिस जांच में जुट गई है। घटना तोरवा थाना क्षेत्र में हुई।

अंबिकापुर महुआपारा निवासी आकाश गुप्ता पिता अशोक गुप्ता 18 वर्ष निजी काॅलेज में बैचलर आॅफ होमियोपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस) के द्वितीय वर्ष का छात्र था। यहां रहने के लिए वह लालखदान में किराए से मकान लिया था। 11 दिसंबर को वह छात्रवृत्ति के लिए आमदनी प्रमाण पत्र बनवाने अंबिकापुर गया था। वहां से 15 दिसंबर को लौटकर आ गया था। 18 दिसंबर सोमवार को उसने अपने घरवालों से फोन पर आखिरी बार बातचीत की थी। इसके बाद उसे किसी ने कमरे से बाहर नहीं देखा।

अंधेरा होने के कारण शव को नीचे नहीं उतारा जा सका

- मंगलवार की रात को मकान मालिक ने उसके रूम का दरवाजा खटखटाया। जवाब नहीं मिला तो उसने खिड़की से झांककर देखा तो भीतर आकाश फांसी के फंदे पर लटक रहा था। उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर दरवाजा तोड़ा। भीतर जाकर देखा तो छात्र की मौत हो चुकी थी। इसके बाद उसने पुलिस को खबर की।

- रात को पुलिस वहां पहुंची पर अंधेरा होने के कारण शव को नीचे नहीं उतारा जा सका। उसके परिजनों को सूचना दी गई। तड़के वह अंबिकापुर से यहां पहुंचे। बुधवार की सुबह पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उसके कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला है।

मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी-पुलिस
टीआई परिवेश तिवारी के अनुसार छात्र की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। उसका इलाज चल रहा था। दो तीन महीने से उसने दवा भी बंद कर दी थी, इस वजह से उसे अटैक आता था। कुछ दिनों से वह गुमसुम भी रहता था।

सालभर पहले की थी रैगिंग की शिकायत

छात्र के चचेरे भाई माेनू गुप्ता के अनुसार सालभर पहले काॅलेज में रैगिंग की शिकायत की थी पर उस मामले में प्रबंधन में किसी तरह की कार्रवाई नहीं की थी। इस बात के लिए भी वह दुखी रहता था। आकाश के पिता बैकुंठपुर में शिक्षक है। उन्होंने रैगिंग की बात को खारिज करते हुए कहा कि उनका बेटा सीनियर हो चुका था इसलिए अब रैगिंग का सवाल ही नहीं उठता है।

फोन पर कहा था आज होटल में खाया है

छात्र के पिता अशोक गुप्ता ने बताया कि ऐसी कोई बात नहीं थी। वह बिल्कुल स्वस्थ्य हो चुका था। पिता के अनुसार 18 दिसंबर की रात को उसने 7 से 7-30 बजे के बीच घर में फोन किया था। उसने बताया था कि होटल में खाना खाया है। दूसरे दिन से टिफिन से खाना लेगा। उसने सामान्य बातचीत की थी। इससे घरवालों को किसी से बातचीत में संदेह नहीं हुआ था।

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