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क्लर्क ने की ऐसी जमकर काली कमाई, मिली थी कमाई से 1049 % ज्यादा प्रॉपर्टी

प्रदेश में शासकीय विभाग के किसी क्लर्क के यहां आय से ज्यादा संपत्ति का यह सबसे बड़ा मामला है।

Danik Bhaskar | Feb 14, 2018, 05:39 AM IST
कोर्ट ने 20 फरवरी तक न्यायिक रिम कोर्ट ने 20 फरवरी तक न्यायिक रिम

अंबिकापुर. आय से ज्यादा संपत्ति रखने के मामले में कलेक्टोरेट के फरार निलंबित क्लर्क ऋषि सिंह को एसीबी ने मंगलवार को सुबह उसके केदारपुर स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने उसे सुबह कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 20 फरवरी तक के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। क्लर्क के घर पर 2013 में एसीबी का छापा पड़ा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसीबी ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। कलेक्टोरेट के भू अभिलेख शाखा में पदस्थ इस क्लर्क के यहां जांच में आय से करीब 1049 फीसदी ज्यादा संपत्ति मिली थी। प्रदेश में शासकीय विभाग के किसी क्लर्क के यहां आय से ज्यादा संपत्ति का यह सबसे बड़ा मामला है।

निर्धारित आय से करीब 1049 फीसदी ज्यादा मिली थी प्रॉपर्टी
केदारपुर निवासी ऋषि सिंह के यहां एसीबी(एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने 2013 में छापा मारकर इसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(ई) के तहत अपराध दर्ज किया था। इसके बाद से यह फरार था।

मामले के जांच अधिकारी के मुताबिक क्लर्क की कुल संपत्ति लगभग एक करोड़ होनी चाहिए थी, लेकिन कार्रवाई के समय 2013 में जांच में उसके यहां चार करोड़ से ज्यादा की चल व अचल संपत्ति मिली। यह निर्धारित आय से करीब 1049 फीसदी ज्यादा है। एसीबी की टीम उसे तलाश रही थी। उसके ऊपर एसीबी एसपी ने दस हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।

घर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया

इसकी तलाश में एसीबी की टीम उत्तर प्रदेश सहित दूसरे प्रांतो में भी दबिश दी, लेकिन उसका पता नहीं चला। मुखबिर की सूचना पर मंगलवार की सुबह केदारपुर स्थित घर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 20 फरवरी की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

काफी सुर्खियो में रहा था मामला

ऋषि सिंह कलेक्टोरेट के भू अभिलेख शाखा में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ था लेकिन एसीबी ने 2013 में छापा मार कर उसकी संपत्ति का आंकलन की तो हैरान रह गई थी। एक क्लर्क की कुल संपत्ति 4 करोड़ से ज्यादा की निकली थी। यह अपनी आय के संबंध में पेपर प्रस्तुत नहीं कर पाया था। इसके बाद एसीबी ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया था।

बताया जा रहा है कि 2005 के दौरान उसने जमकर अवैध कमाई की। वह तत्कालीन कलेक्टर जीएस धनंजय का काफी खास रहा था। इस दौरान शहर में जमीन की खरीद बिक्री भी जमकर हुई थी। इसी दौरान उसने जमकर कमाई की।

घर से अवैध शराब मिलने पर गया था जेल
एसीबी के इंस्पेक्टर प्रमोद खेस ने बताया कि 2013 में जब कार्रवाई हुई थी तब ऋषि सिंह के घर से हजारों रुपए के बड़ी मात्रा में महंगी अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी। तब एसीबी ने प्रकरण पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने मामले में आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर ऋषि को गिरफ्तार कर प्रकरण कोर्ट में पेश किया था जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था।