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बच्चे स्कूल नहीं आते थे इसलिए कबाड़ से बनाई पढ़ने की चीजें, 2 साल से मिल रहा A ग्रेड

बच्चों में स्कूल से लगाव बढाने दो टीचर्स ने नायाब तरीका ढूंढ़ा

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 08:02 AM IST
स्कूल को बना दिया हरा-भरा। स्कूल को बना दिया हरा-भरा।

कोरबा(छत्तीसगढ़). जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर अजगरबहार पंचायत के ग्राम गढ़कटरा का प्राइमरी स्कूल अब प्ले स्कूल की तरह नजर आता है। पहले बच्चे अक्सर सप्ताह में दो से तीन दिन स्कूल ही नहीं आते थे। बच्चों को स्कूल से लगाव हो इसके लिए शिक्षक श्रीकांत सिंह व अजय कुमार कोसले ने नायाब तरीका ढूंढ़ा। उन्होंने स्कूल को क्लीन स्कूल, ग्रीन स्कूल बनाने के साथ ही कबाड़ मटेरियल से पढ़ने की सामग्री तैयार की।

जोड़ने-घटाने की बनाई मशीन, बच्चे खेल-खेल में सीख रहे गणित

शिक्षक श्रीकांत ने पहली कक्षा के बच्चों को गणित सिखाने के लिए जोड़ने-घटाने की मशीन बनाई है। इससे बच्चे आसानी से जोड़ना-घटाना सीख रहे हैं। साथ ही पहचान घर का निर्माण कराया गया है जिसे देखकर बच्चों में सीखने की जिज्ञासा पैदा होती है। गांव के लोगों को भी स्कूल से जोड़ने हर साल यहां खेलकूद का आयोजन किया जाता है जिसमें महिलाएं भाग लेती है। बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित कर रहे हैं। तीन छात्राएं हाईस्कूल में पढ़ाई कर रही हैं।

दोनों शिक्षकों को मिला उत्कृष्ट पुरस्कार

हर्बल गार्डन बनाया ताकि देखकर बच्चे पढ़ाई कर सकें। पर्यावरण की जानकारी के लिए दीवार को हरे रंग से रंगा। यहां पहली से पांचवी तक 26 बच्चे हैं जो नियमित स्कूल आते हैं। साथ ही 4 पहाड़ी कोरवा बच्चे भी 1 किमी दूर माही डूग्गु, पटपरी से रोज पढ़ाई करने पहुंचते हैं। स्कूल भवन की दीवारों में अक्षर व पहाड़ा के साथ ही सीखने के लिए चित्र बनाए गए हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि दो साल से स्कूल ए ग्रेड में शामिल है। दोनों शिक्षकों को उत्कृष्ट शिक्षक का पुरस्कार िमल चुका है। जिला शिक्षा अधिकारी डीके कौशिक का कहना है कि शिक्षकों का यह प्रयास प्रशंसनीय है।

कक्षा में बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाते हैं शिक्षक श्रीकांत कक्षा में बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाते हैं शिक्षक श्रीकांत
जोड़ने-घटाने की बनाई मशीन, बच्चे खेल-खेल में सीख रहे गणित जोड़ने-घटाने की बनाई मशीन, बच्चे खेल-खेल में सीख रहे गणित