बिलासपुर

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नाले में खुद गड्‌ढा कर ये लोग पीते हैं पानी, बीमार पड़ने के बावजूद ऐसा करने मजबूर

पण्डोपारा के ग्रामीणों को नाले का पानी पीना पड़ रहा है।

Danik Bhaskar

Dec 28, 2017, 08:06 AM IST
देवीधाम नाले का प्रदूषित पानी देवीधाम नाले का प्रदूषित पानी

बिलासपुर. ब्लाॅक मुख्यालय सोनहत अंतर्गत ग्राम पंचायत पण्डोपारा के ग्रामीणों को नाले का पानी पीना पड़ रहा है। इसके कारण उनके बीमार पड़ने की आशंका बनी हुई है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पण्डो जनजाति के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है पर यह सिर्फ फाइलों तक ही सिमट कर रह जाती है। हकीकत में पण्डो जनजाति के लोग इन सुविधाओं से कोषों दूर है। इसे कोरिया अंतर्गत सोनहत ब्लॉक के पण्डोपारा में आकर देखा जा सकता है। यहां के 200 लोग आज भी नाले के पानी से प्यास बुझाते हैं। इसके कारण वे आए दिन बीमार पड़ जाते हैं।

हैंंडपंप से निकलता है लाल पानी, जिसे पीना संभव नहीं
पण्डोपारा में 200 लोग रहते हैं। इन्हें पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए हैंडपंप लगाया गया है लेकिन उसमें से लाल पानी निकलता है जिसमें से बदबू भी आती है जिस पीना संभव नहीं है। पण्डो पारा मोहल्ले के बीचों बीच देवी धाम नामक नाला बहता है, जिसमें रेत में चुरू( गड्ढा) बनाकर पानी निकाला जाता है जिसे पीकर वे प्यास बुझाते हैं। बरसात के दिनों में जब नाले में पानी भर जाता है, तब करीब 1 किमी दूर नाले के उद्गम स्थल से पानी लाना पड़ता है। पानी के लिए स्थायी समाधान करने की ओर कभी ध्यान नहीं दिया गया है।

ढोढ़ी की गहराई कम होने से पानी से आती है बदबू
पण्डो जानजाति के लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायत ने एक मीटर गहरा ढोढ़ी बनवाया है। उक्त ढोढ़ी का गहराई कम होने से उसमें नीचे से नया और साफ पानी नहीं आता है। इसके कारण उसमें जमा पानी से बदबू आने लगी है। इसके कारण ग्रामीण उसका पानी नहीं पीते हैं। गौरतलब है कि गंदा पानी पीने के कारण ही हर साल बड़ी संख्या में पण्डो जनजाति के लोग बीमार पड़ जाते हैं। इसके कारण कई लोगों की मौत भी हो जाती है। इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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