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नक्सलियों के हमले में बेटा हुआ शहीद, घर में बेखबर पिता देर रात देखता रहा टीवी

बेटे के शहीद होने की खबर विनोद के माता पिता को नहीं दी गई थी।

चंद्रकुमार दुबे | Last Modified - Jan 25, 2018, 04:37 AM IST

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    विनोद कौशिक अपनी पत्नी और बेटे के साथ। - फाइल फोटो

    बिलासपुर.नारायणपुर में हुए नक्सली मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए सीपत के एसआई विनोद काैशिक जब भी गांव आते थे तो अपने दोस्तों से अपना अनुभव शेयर करते थे। वह घंटों बैठकर उन्हें नक्सलियों की गतिविधियों के बारे में बताते थे। जंगल में सर्चिंग के बारे में भी साथियों को जानकारी देते थे। 20 दिन पहले ही जब वह छेरछेरा में घर आए तो अपने सबसे करीबी साथी धना से कहा था कि नक्सली पहले की अपेक्षा काफी सुधर चुके हैं। सरकार उन्हें रास्ते पर लाने के लिए सरेडर करा रही है और उन्हें सिपाही बना रही है। इस काम में वह भी जुटा हुआ है।

    बेटे की शहीद होने की खबर नहीं

    बेटे के शहीद होने की खबर विनोद के माता पिता को नहीं दी गई थी। देर रात तक पिताजी घर में टीवी देखने में मशगूल थे। इधर, मां अपने मायके महुआडीह में थी।

    दोस्त की शहीद होने की खबर मोबाइल पर मिली

    - विनोद कौशिक 38 वर्ष का मकान सीपत के पुरानी बस्ती में है। उन्होंने सीपत के ही काॅलेज से राजनीति शास्त्र से एमए किया था। पढ़ाई के दौरान ही उनकी जांजगीर जिले के अकलतरा खोड़ निवासी जयश्री कौशिक से शादी हुई। - पिता खेती किसानी करते हैं और मां घर का काम करती हैं। देर रात तक दोनों को भी अपने बेटे की शहीद होने की खबर नहीं थी। गांववालों को टीवी में पता चला तो सभी शोक में डूब गए।

    - विनोद का छोटा भाई विनेंद्र कौशिक भी काॅन्स्टेबल है। वह भी बलरामपुर के नक्सली इलाके सनावल थाने में पोस्टेड है।

    - विनोद के दोस्त धना के मुताबिक, विनोद पढ़ने लिखने में तेज था। पहली से लेकर काॅलेज तक दोनों साथ ही पढ़े लिखे। उसे अपने दोस्त की शहीद होने की खबर मोबाइल पर मिली।

    चार साल पहले ही नौकरी

    विनोद का 2013 में एसआई के रूप में सिलेक्शन हुआ। वह इससे काफी खुश था। वह निडर था। काॅलेज के दिनों में वह राजनीति में भी सक्रिय था। उसी के रहते ही सीपत कालेज में छात्र परिषद का गठन हुआ था। विनोद 10वीं व 12वीं दोनों में फर्स्ट आया था। धना के अनुसार विशाल 22 दिसंबर को परिवार के साथ छेरछेरा मनाने गांव आया था। वह 2 जनवरी को वह परिवार के साथ सीपत से चला गया था।

    पत्नी के अलावा 7 साल का बेटा

    विनोद का 7 साल का आरसब नाम का एक बेटा भी है। वह पत्नी जयश्री व बेटे के साथ नारायणपुर जिला के सनावल में रहता था। दो भाइयों के परिवार में विनेंद्र कौशिक 35 वर्ष उससे छोटा है। रोहिणी कौशिक उसकी बहन शिक्षाकर्मी है।

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    शहीद एसआई विनोद कौशिक।
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    बताया जा रहा है कि ब्लास्ट के कारण ही जवानों को ज्यादा नुकसान हुआ है।
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    बुधवार को नारायणपुर में हुई पुलिस नक्सली मुठभेड़ में जख्मी जवान।
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    नारायणपुर में नक्सली हमले में 4 जवान शहीद हो गए आैर 11 घायल हो गए।
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    एनकाउंटर के दौरान दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई और आईडी भी ब्लास्ट हुआ।
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    बताया जा रहा है कि ब्लास्ट के कारण ही जवानों को ज्यादा नुकसान हुआ है।
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Web Title: Vinod Kaushik Martyr Naxalite Ambush Narayanpur
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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