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नाजायज रिश्तों का पता चला तो पत्नी के प्रेमी को समझाया, नहीं माना तो कर दी थी हत्या

अगले दिन तालाब के पास खेत में पत्नी के प्रेमी की मिली थी लाश।

Danik Bhaskar | Jan 17, 2018, 05:53 AM IST
पुलिस गिरफ्त में आराेपी। पुलिस गिरफ्त में आराेपी।

कोरबा(छत्तीसगढ़). उरगा के पकरिया गांव में 10 दिन पहले 6 जनवरी की रात गोरे पटेल (30) की हत्या कर दी गई थी। अगले दिन सुबह गांव के तालाब के पास खेत में उसका रक्तरंजित शव मिला था। गांव वालों ने आखिरी बार गोरे को उसके साढ़ू के साथ शराब पीते देखा गया था। वहीं तालाब के पास 4 लोग भी दिखे थे। पुलिस का स्नेफर डॉग भी उसके साढ़ू के घर तक पहुंचा था। संदेह के घेरे में साढ़ू समेत गांव के कुछ लोग थे। उरगा पुलिस व सीआईटी मामले में जांच-पड़ताल कर रही थी। संदेहियों से पूछताछ करने पर भी कोई सुराग नहीं मिल रहा था। मामला सुलझता नहीं दिख रहा था।

सबक सिखाने की बातचीत करने का पता चला

- इस बीच पुलिस टीम को ढोढ़ातराई गांव से एक जानकारी मिली जिसमें दो लोगों के 6 तारीख से कुछ दिन पहले किसी को सबक सिखाने की बातचीत करने का पता चला। जिसके आधार पर पुलिस ने अमझर निवासी जीतराम पटेल व उसके चचेरे भाई धनीराम के बारे में पता लगाया। जीतराम का ससुराल पकरिया में होना पाया गया। संदेह गहराने पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसमें वह पहले मुकरता रहा लेकिन बाद में टूट गया।

पत्नी से दूर रहने को कहा था

उसने बताया कि गोरे की पत्नी से उसका अवैध संबंध होने की जानकारी उसे हो गई थी। जिस कारण गोरे ने उससे विवाद करते हुए पत्नी से दूर रहने को कहा था। इसलिए वह उसे सबक सीखाना चाहता था।

मारपीट करते हुए लाठी से हमला किया

वह अपने चचेरे भाई धनीराम के साथ घटना दिनांक की रात 8 बजे ससुराल जा रहा था। इस दाैरान रास्ते में उसे गोरे नशे की हालत में मिला। दोनों ने मारपीट करते हुए उस पर पत्थर व बांस की लाठी से हमला किया। जिससे उसकी मौत हो गई। शव को वे खेत में फेंककर वहां से चले गए। पुलिस ने जीतराम की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पत्थर व डंडा जब्त कर लिया। वहीं जीतराम के साथ धनीराम को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया।