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हाथियों से बचने दंपती घर के पिछले हिस्से से कूदकर भागे, पत्नी को कुचलकर मार डाला

घर के अंदर ही छिपे होते तो शायद बच जाती जान, दहशत के कारण वहां से भागे।

Bhaskar News | Last Modified - Feb 08, 2018, 08:38 AM IST

हाथियों से बचने दंपती घर के पिछले हिस्से से कूदकर भागे, पत्नी को कुचलकर मार डाला

उदयपुर/अंबिकापुर.उदयपुर के दूरस्थ बकोई गांव के टिकरापारा में दो हाथियों ने एक महिला को मार डाला। घटना बुधवार तड़के की बताई गई है। दोनों हाथी उदयपुर इलाके से देर रात कोरबा जिले की सरहद में बसे गांव में चले गए थे, लेकिन वहां घरों को नुकसान पहंुचाए जाने के बाद ग्रामीणों ने दोनों को पटाखा जलाकर खदेड़ दिया। वहां से दोनों हाथी जंगल से सटे बकोई गांव में पहुंचे और एक दंपती के घर को गिराने लगे। हाथियों से बचने पति-पत्नी घर के पिछले हिस्से से कूदकर भागे। पति तो सुरक्षित भाग निकला लेकिन पत्नी को हाथियों ने दौड़ाकर मार डाला। पखवाड़े भर के भीतर इन दोनों हाथियों के हमले में मरने वालों की संख्या चार हो गई है।

घर के अंदर ही छिपे होते तो शायद बच जाती जान, दहशत के कारण वहां से भागे
कोरबा की ओर से खदेड़े जाने के बाद हाथी टिकरापारा पहंुचे। यहां जंगल से सटे सुकुल उरांव के इकलाैते घर के सामने के हिस्से को एक हाथी ने तोड़ना शुरू किया। एक हाथी पिछले हिस्से को ढहा रहा था। आवाज सुनकर सुकुल उरांव 53 वर्ष और उसकी पत्नी जानकी बाई 50 वर्ष की नींद खुली। रेंजर श्री पांडेय के मुताबिक दोनों घर के भीतर वाले हिस्से के एक कमरे में छिप जाते तो हाथियों से बच सकते थे। वे घर के पिछले हिस्से की दीवार कूदकर भाग रहे थे। इसी दौरान एक हाथी की नजर महिला पर पड़ गई। उसने दौड़ा कर उसे पकड़ लिया और कुचल कर मार डाला।

गांव के लोगों ने रात में दंपती को घर छोड़ने दी थी सलाह, पर नहीं माने थे
बकोई के टिकरापारा सहित आसपास के मोहल्ले में शाम को ही हाथियों के आने की आशंका पर लोगों को वहां से हटाकर सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया था। जंगल से सटे एकांकी घरों के लोगों को रात में नहीं रुकने की सलाह भी दी गई थी। गांव के उप सरपंच के मुताबिक दंपती को रात मेें वहां नहीं ठहरने की समझाइश दी जा रही थी, लेेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। घटना के बाद दोनों हाथी बकोई से करीब दो किमी दूर कुदरबसवार एवं भेलवाडीह जंगल के पास डटे हैं। वहां से हाथियों के वापस लौटने या फिर केदमा की ओर जाने की संभावना है।

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