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लोक सुराज के निराकरण में बेमेतरा और जांजगीर-चांपा से भी पीछे है बिलासपुर

प्रशासनिक रिपोर्टर | बिलासपुर लोक सुराज में मिले शिकायतों के निराकरण में बिलासपुर बेमेतरा, धमतरी, कांकेर,...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:15 AM IST
प्रशासनिक रिपोर्टर | बिलासपुर

लोक सुराज में मिले शिकायतों के निराकरण में बिलासपुर बेमेतरा, धमतरी, कांकेर, महासमुंद और कोरिया से भी पीछे हैं। बिलासपुर पांचवें पायदान पर है। इतना ही नहीं मांग के आवेदनों के निराकरण में बेमेतरा, सुकमा, धमतरी, महासमुंद और पड़ोसी जिले जांजगीर-चांपा ने बिलासपुर को पीछे छोड़ दिया है। बिलासपुर के साथ ही रायपुर और दुर्ग जैसे बड़े जिले डेशबोर्ड से बाहर हैं।

लोक सुराज के आवेदन 12, 13 व 14 जनवरी को लिए गए जिसमें प्रदेश में 29 लाख आवेदन मिले जबकि 19 हजार लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया जबकि पेटी में 36 हजार आवेदन मिले। कुल आवेदनों में से 17 लाख आवेदन प्रधानमंत्री आवास के आए जो सर्वाधिक रहे जबकि 4 लाख खाद्य विभाग तो 1 लाख 64 हजार राजस्व विभाग से जुड़े आवेदन मिले। बिलासपुर जिले की बात करें तो 2 लाख 28 हजार 48 आवेदन आए इनमें से अभी भी 37 हजार 42 आवेदनों का निराकरण नहीं हो सका है। ज्यादातर आवेदन प्रधानमंत्री आवास की मांग को लेकर आए थे और इन्हीं आवेदनों का ज्यादा निराकरण किया गया है। तीन चरणों वाले लोक सुराज अभियान में अब तीसरे चरण की बारी आ गई है। 12 मार्च से 31 मार्च के बीच करीब 10 पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान आवेदनों के निराकरण की जानकारी आवेदकों को दी जाएगी। नगरीय निकायों में भी शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में अधिकारियों को पहले ही बता दिया गया है। यानी अब कम दिन ही बचे हैं ऐसे में आवेदनों का निराकरण नहीं हुआ तो वे शिविर में आवेदकों को क्या बताएंगे,इस पर सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है। अपर कलेक्टर केडी कुंजाम ने बचे हुए आवेदनों के जल्द निराकरण होने की बात कही है।

अभी तक नहीं किया गया 37 हजार 42 आवेदनों का निराकरण

पिछले साल से कम आवेदन, फिर भी पीछे

पिछले साल 3 लाख 25 हजार आवेदन आए थे और इस बार 2 लाख 27 हजार आवेदन आए हैं। पिछले साल की तुलना में करीब 98 हजार आवेदन कम आए हैं। इसके बावजूद निराकरण में अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। नतीजा बिलासपुर छोटे जिलों से पीछे हो गया है।