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छुट्‌टी के दिन बगैर जांच पानी सप्लाई न्याय मित्रों को बंद मिला निगम का लैब

शहर के लोगों को पीने का साफ पानी मुहैया कराने को लेकर हाईकोर्ट की नाराजगी, दिशा- निर्देश और न्याय मित्र नियुक्त...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:15 AM IST

छुट्‌टी के दिन बगैर जांच पानी सप्लाई न्याय मित्रों को बंद मिला निगम का लैब
शहर के लोगों को पीने का साफ पानी मुहैया कराने को लेकर हाईकोर्ट की नाराजगी, दिशा- निर्देश और न्याय मित्र नियुक्त करने के बाद भी बिलासपुर नगर निगम का रवैया नहीं सुधर सका है। न्याय मित्र रविवार को औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे तो लैब बंद मिला। यहां एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। जाहिर है कि छुट्टी का दिन होने के कारण निगम ने बगैर टेस्ट के ही पानी सप्लाई की है। वहीं, न्याय मित्रों ने सिम्स से पिछले एक माह में भर्ती हुए पीलिया के मरीजों का आंकड़ा मांगा। सिम्स प्रबंधन ने सोमवार को आंकड़े उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

मुकेश कुमार देवांगन की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने तीन वकीलों मनोज परांजपे, सौरभ डांगी और अमृतो दास को न्याय मित्र नियुक्त करते हुए पेयजल व्यवस्था से जुड़े सभी स्थानों की निजी तौर पर जांच करने के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा था। न्याय मित्रों ने निरीक्षण के दौरान पाया कि शहर में अधिकांश जगहों पर बोर से पानी की सप्लाई की जाती है। पाइप लाइन कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, इससे नालियों का गंदा पानी भी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। पानी की जांच में कई खतरनाक बैक्टीरिया होने की जानकारी सामने आई थी। प्रदूषित पानी की वजह से पीलिया समेत अन्य बीमारियां फैल रही हैं। न्याय मित्रों द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद हाईकोर्ट ने साफ पानी उपलब्ध कराने कई दिशा- निर्देश देने के साथ ही नगर निगम में नए सेटअप के मुताबिक अधिकारियों व कर्मचारियों की भर्ती करने को लेकर राज्य सरकार से शपथ पत्र मांगा था। निगम ने जहां 152 नए अधिकारियों व कर्मचारियों की मांग की थी, वहीं, राज्य शासन ने सिर्फ 22 पदों को ही मंजूरी दी। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए हाईकोर्ट ने नया शपथ पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा है। रविवार को न्याय मित्र मनोज परांजपे, सौरभ डांगी और अमृतो दास नगर निगम की लैब के निरीक्षण के लिए पहुंचे तो यह बंद मिला। कोई भी अधिकारी व कर्मचारी यहां मौजूद नहीं था। न्याय मित्र सौरभ डांगी ने बताया कि जल्द ही इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी।

सिम्स भी पहुंची टीम, मांगा पिछले एक माह में भर्ती पीलिया के मरीजों का आंकड़ा

नगर निगम में जांच करने पहुंचे न्याय मित्र।

पोलियो की जानकारी मांगी है, आज दे दी जाएगी

जब न्याय मित्र सिम्स पहुंचे उस समय मैं वहां नहीं था। इसलिए फोन पर बात हुई है। उन्होंने पोलियो से संबंधित जानकारी मांगी है जो सोमवार को उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके अलावा कैजुअल्टी तथा अस्पताल का भी निरीक्षण कर स्थिति जानी है। -डाॅ. रमणेश मूर्ति, अधीक्षक, सिम्स

रायपुर में पीलिया का प्रकोप इसलिए यहां की स्थिति देखी

न्याय मित्र सौरभ डांगी ने बताया कि प्रदूषित पानी की वजह से पीलिया समेत कई तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं। पिछले कुछ दिनों में रायपुर में पीलिया का प्रकोप बढ़ा है। सैकड़ों लोग अब तक अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं। हम लोगों ने रायपुर जाकर हालत का जायजा लिया और रिपोर्ट तैयार की है, इसी तारतम्य में बिलासपुर की स्थिति देखने का निर्णय लिया गया। बिलासपुर की स्थिति पर भी रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी।

सिम्स में मांगा पीलिया के मरीजों का रिकॉर्ड

निगम की लैब का निरीक्षण करने के बाद दोपहर करीब 12 बजे तीनों न्याय मित्र सिम्स पहुंचे और सिम्स प्रबंधन से पिछले एक माह में पीलिया का इलाज कराने पहुंचने और भर्ती होने वाले मरीजों की जानकारी मांगी। सिम्स प्रबंधन ने सोमवार को आंकड़े उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

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