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याेग सीखकर किशोर व युवा नशे से हो रहे हैं दूर

गांव के किशोर और युवाओं से नशे की लत छुड़ाने के लिए नि:शुल्क योग सिखाना शुरू किया। शुरू में आने वालों की संख्या कम...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:15 AM IST
गांव के किशोर और युवाओं से नशे की लत छुड़ाने के लिए नि:शुल्क योग सिखाना शुरू किया। शुरू में आने वालों की संख्या कम होने पर रामकुमार ने योग खत्म होने के बाद बच्चों को चाकलेट, पेन कापी बांटना शुरू किया। इसके बाद योग सीखने के लिए आने वालों की संख्या में एकाएक वृद्धि हो गई। रामकुमार योग के माध्यम से नशे से होने वाली बीमारी व दुष्प्रभाव के बारे में समझाते हैं। इसका सकारात्मक असर पड़ रहा है। इससे 60 फीसदी बच्चे व युवा नशे की लत से दूर हो गए हैं। धीरे-धीरे प्रतिदिन सुबह व शाम बच्चे योग करने के लिए युवक के पास आने लगे। युवक योग के माध्यम से नशे से होने वाली बीमारी व दुष्प्रभाव के बारे में बच्चों को समझा रहे हैं। युवक के इस प्रेरणा से बच्चे नशे से दूर होने लगे हैं। युवक बीते चार साल से योग सिखाने मुहिम चला रहे हैं। इससे ग्रामीणों पर सकारात्मक असर पड़ रहा है। तखतपुर ब्लॉक के ग्राम करनकापा निवासी रामकुमार कश्यप पिता रामलोचन कश्यप 30 वर्ष ने योग साइंस का कोर्स किया है। वर्ष 2013 में गांव के अधिकांश युवक व किशोर नशा करने के आदी हो रहे थे। इन लाेगों ने सिगरेट, तंबाकू, गुड़ाखू व शराब पीनी शुरू कर दी थी। नशे की चपेट में आने से कुछ बच्चों ने स्कूल जाना भी छोड़ चुके थे लेकिन अब काफी सुधार हो गया है।

गिफ्ट देने से योग सीखने वालों की संख्या में हुआ इजाफा, 60 फीसदी बच्चे व युवा नशे की लत से दूर हो गए

ग्राम करनकापा में बच्चों को योग सिखाते शिक्षक रामकुमार।

आसपास गांव में भी अभियान

योग के प्रति बच्चे व युवाओं की रुचि को देखकर रामकुमार ने अपने अभियान को आगे बढ़ाया। उन्होंने आसपास के गांव में भी जाकर योग करने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। इससे वहां के ग्रामीण भी जुड़ने लगे। रामकुमार ने तखतपुर, काठा कोनी, निगारबंद के नागरिकों को नि: शुल्क में योग का प्रशिक्षण दिया। रामकुमार के काम से प्रेरित होकर ग्रामीण उन्हें योग शिक्षक के नाम से पुकारते हैं।

योग सिखाने शिक्षक स्कूल बुलाते हैं

रामकुमार ने मुफ्त में योग का प्रशिक्षण अभियान चलाया तो ग्रामीण व दूसरे गांव के जनप्रतिनिधि व स्कूल के शिक्षक काफी प्रभावित हुए। अब शिक्षक रामकुमार को स्कूली छात्र-छात्राओं को योग सिखाने के लिए बुलाते हैं। शिक्षक व जनप्रतिनिधियों के बुलाने पर रामकुमार उनके गांव जाकर ग्रामीणों को योग के गुर सिखाते हैं।