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लोगों को बीमारियों से बचाने 200 किसानों ने शुरू की सब्जी की प्राकृतिक खेती

सब्जियों में जहरीले रासायनिक खाद के प्रयोग और उससे हो रही गंभीर बीमारियों के खुलासा के बाद जिले के 200 किसानों ने...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:15 AM IST
सब्जियों में जहरीले रासायनिक खाद के प्रयोग और उससे हो रही गंभीर बीमारियों के खुलासा के बाद जिले के 200 किसानों ने प्राकृतिक खेती करनी शुरू कर दी है। कम लागत के उत्पादों की बिक्री बिलासपुर में चार जगहों पर की जा रही है। इनकी कीमत वर्तमान बाजार से ज्यादा है, लेकिन उत्पादन बढ़ने के बाद पिछले वर्षों के मुकाबले इनके दामों में कमी आई है।

सब्जी और दुग्ध उत्पाद को बढ़ाने के लिए ऑक्सीटोसिन नाम के रसायन के उपयोग होने और इससे होने वाले नुकसान से लोगों को बचाने का अभियान कुछ युवा किसानों ने शुरू किया है। इस अभियान में ये किसान रासायनिक खेती के विपरीत प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन खेतों को भी वे अपने अभियान में जोड़ रहे हैं जो रासायनिक खेती के कारण बंजर होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इन किसानों की मेहनत अब रंग लाने लगी है। इन्होंने अब अपने उत्पादों को बेचना शुरू कर दिया है। किसानों को संगठित करने वाले यश मिश्रा ने बताया कि प्राकृतिक खेती के लिए लगभग 2000 किसानों को प्रशिक्षित किया है, लेकिन इनमें से 200 किसान ही अभी हमारे साथ जुड़े हैं। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष उत्पादन के बढ़ने के साथ ही उत्पादों के दामों में कमी आई है। 250 नियमित कस्टमर जुड़ चुके हैं। लोगों को इन उत्पादों के बारे में सब्जी देने के साथ ही मौके पर बनाकर टेस्ट भी कराते हैं। जिससे उन्हें उत्पाद की महक और स्वाद का पता चल सके। हमारा उद्देश्य रासायनिक खेती में डाली जा रही दवाइयां और इससे हो रहे स्वास्थ्य नुकसान से लोगों को बचाना और उनको स्वास्थ्य के लिए सही प्राकृतिक खेती से जोड़ना है। भारत में तीन प्रकार की खेती हो रही है। इसमें जैविक खेती प्रति एकड़ 16500 रुपए, रासायनिक खेती प्रति एकड़ 15500 रुपए और प्राकृतिक खेती 5500 रुपए है। उत्पादों के दामों की बात करें तो सबसे ज्यादा महंगे जैविक उत्पाद हैं, इसके बाद प्राकृतिक और तीसरे नंबर पर रासायनिक है।

नेहरू नगर में स्टॉल लगाकर बेची जा रही सब्जी।

प्राकृतिक उत्पादों के दाम

उत्पाद कीमत प्रति

किलोग्राम








इन जगह लगता है स्टाल

प्राकृतिक खेती के उत्पाद के लिए किसान शहर के चार जगहों पर स्टाल लगा रहे हैं। सप्ताह में रविवार को श्रीकांत वर्मा मार्ग में समर्पण मेडिटेशन, सामुदायिक भवन शांतिनगर और हैप्पीनेस सेंटर नेहरू नगर में सुबह के समय स्टाल लगता है। जबकि गुरुवार को किसान मेडिटेशन हॉल मेडिकल कॉम्पलेक्स तेलीपारा और समर्पण मेडिटेशन श्रीकांत वर्मा मार्ग में शाम को सब्जियां देते हैं।