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71 लाख मिलने के बाद भी युवाओं को अफसर बनाने की योजना फेल

Bilaspur News - सरकार की एक योजना कुछ साल बाद ही फेल होती नजर आ रही है। जिले के युवाओं को सरकारी अफसर बनाने के लिए कोई 71 लाख रुपए की...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:20 AM IST
71 लाख मिलने के बाद भी युवाओं को अफसर बनाने की योजना फेल
सरकार की एक योजना कुछ साल बाद ही फेल होती नजर आ रही है। जिले के युवाओं को सरकारी अफसर बनाने के लिए कोई 71 लाख रुपए की राशि भेजी गई। इस योजना के पैसे जिला पंचायत के जरिए गांवों में खर्च करने थे। इसके लिए लाइब्रेरी तैयार की बात कही गई। इसके लिए कब, कहां और कितना पैसा खर्च हुआ। फिलहाल जिम्मेदारों को इसकी जानकारी नहीं है। यही वजह है कि इस प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार ने गांवों की यूथ टीम को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बड़ी योजना तैयार की थी। स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना केे तहत जिले के 35 जगहों का चयन किया गया था। इसी के लिए जिला पंचायत को 71 लाख रुपए का बजट भेजा गया, जिसमें तकरीबन सभी गांवों के युवा बच्चों के लिए लाइब्रेरी खोलने की योजना थी। यहां पीएससी, यूपीएससी समेत रेलवे और पीईटी, पीएमटी बैंकिंग प्रणाली की तमाम पुस्तकें रखने का दावा किया गया। इसके बाद इनका प्रतियोगी परीक्षा सहित अन्य इंतजाम करने की बात कही गई थी। बताया जा रहा है कि सबसे पहले इसे बिल्हा के धौराभाठा से शुरू किया गया था। इस योजना में जिला पंचायत के प्रोजेक्ट जनपद पंचायतों काे छोड़कर सीधे गांवों जुड़ते। युवा केंद्र के संचालन के लिए ग्राम पंचायत के सचिवों को पदेन संचालक बनाने की बात थी। यह केंद्र गांवों में गांवों में सूचना केंद्र के तौर पर काम करता। इसमें सभी प्रकार की सूचनाओं की उपलब्धता होती। इसके उलट फिलहाल ये योजना बंद होती दिख रही है। बताया जा रहा है कि अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे। इसके चलते प्रोजेक्ट बंद होने की कगार पर है।

इन्हें जोड़ने का किया गया दावा

गांवों में स्वामी विवेकानंद युवा केंद्र में योजना का लाभ 15 से 35 साल तक के लोगों को मिलने की बात थी। इसके लिए जिला पंचायत के अधिकारी गांवों में सर्वे करवाकर बच्चों का डाटा बेस तैयार करने में जुटे थे। तब के प्रोजेक्ट अधिकारी ने बताया था कि आस-पास के 49 हजार युवाओं का डाटा तैयार हो चुका है। जल्द इसे उच्च अफसरों को भेजा जाएगा। इसके बाद कहां लाइब्रेरी खुली और अब कौन संचालन कर रहा है और इसकी वास्तविक स्थिति क्या है। कोई जानकारी नहीं है।

भास्कर फीडबैक

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