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डॉ. रजनी के ग्रंथ का विमोचन व सम्मान हुआ

प्रसाद कथा साहित्य का सांस्कृतिक अनुशीलन का विमोचन व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। डॉ. रजनी शेवालकर ने ग्रंथ...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:20 AM IST
प्रसाद कथा साहित्य का सांस्कृतिक अनुशीलन का विमोचन व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। डॉ. रजनी शेवालकर ने ग्रंथ लिखा है। ग्रंथ का प्रकाशन दिल्ली से कराया गया है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक, अध्यक्षता शिक्षविद डॉ. अरुण झाडगांवकर, विशिष्ट अतिथि बीयू कुलपति प्रो. जीडी शर्मा, पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. बंश गोपाल सिंह और सीवी रामन यूनिवर्सिटी कुलपति डॉ. रविप्रकाश दुबे मौजूद रहे। अतिथियों ने लेखिका डॉ. रजनी को शाल श्रीफल और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। इसके बाद ग्रंथ का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. पाठक ने कहा कि प्रसाद का समग्र साहित्य भारतीय संस्कृति को अनावृत ही नहीं करता ऐतिहासिक गौरवशाली पृष्ठों को भी उद्घाटित करता है। अध्यक्षता करते हुए डॉ. अरुण ने कहा कि प्रसाद का साहित्य हिंदी की विरासत है। समारोह की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर की। अतिथियों का स्वागत वसंत शेवालकर, अरविंद शेवालकर, मदन शेवालकर, संगीता फड़के, गजानन फड़के, विनोद कुमार वर्मा ने किया। डॉ. रजनी ने कहा मैं लीक से हटकर कुछ नया करना चाहती थी। कार्यक्रम का संचालन नीतू श्रीवास्तव और आभार अपूर्वा शेवालकर ने किया। इस अवसर पर गंगा प्रसाद बाजपेयी, डीपी अग्रवाल, बृजेश सिंह, राघवेंद्र दुबे, विवेक तिवारी, डॉ. सरोज कश्यप, डॉ. सुशीला तिवारी, नीलिमा यादव सहित अन्य मौजूद रहे।