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सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्रों ने जाना हसदेव बांगो डेम के निर्माण की पद्धति और ड्रोन सिस्टम

एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्राकृतिक संसाधन अध्ययनशाला के अंतर्गत संचालित ग्रामीण...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:20 AM IST
एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्राकृतिक संसाधन अध्ययनशाला के अंतर्गत संचालित ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समय-समय पर छात्र-छात्राओं को अध्ययन संबंधी भ्रमण कराया जाता है। विभाग में अध्ययनरत बीएससी छठवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने वर्षा जल संग्रहण की विभिन्न विधियां जिनमें छत जल संग्रहण, सतह जल संग्रहण आदि का अध्ययन करते हैं। इन छात्र-छात्राओं को सतह जल संग्रहण के विभिन्न प्रकार जैसे वानस्पतिक अवरोधक, स्टाप डेम, एनीकट, गैबियन संरचना, स्टोन डेम आदि का अध्ययन एवं प्रायोगिक निर्माण के तरीके सिखाए जाते हैं। इसी के तहत अध्ययनरत 42 छात्र-छात्राओं को हसदेव बांगो डेम का अध्ययन भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने अर्थन डेम के निर्माण पद्घति और उसमें बनाए गए ड्रेन सिस्टम का अध्ययन किया। छात्र-छात्राओं ने हसदेव बांगो डेम के अंदर निर्मित निरीक्षण एवं आधार केनाल का अंदर तक जाकर सर्वे किया। डेम से लगातार होने वाले पानी के दबाव की वजह से रिसाव को समझा। पानी द्वारा निर्मित बिजली निर्माण की प्रक्रिया को डेम में कार्यरत इंजीनियर वीके निमजा और इंजीनियर पीके पंड्या ने विस्तार से समझाया। उनके अनुसार विद्युत निर्माण के पश्चात पानी का पुनः उपयोग कोरबा स्थित विभिन्न औद्योगिक इकाईयों और जांजगीर-चांपा जिले के एक बड़े भूभाग में सिंचाई के लिए किया जाता है। बिजली निर्माण के प्रक्रिया के तहत बने टनल और उसमें पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने की इकाईयां भी छात्र-छात्राओं ने देखी। पहाड़ों के भूस्खलन को रोकने के लिए बिजली इकाई के रास्ते में सीमेंट संरचना द्वारा बने कृत्रिम पहाड़ की उपयोगिता भी छात्र-छात्राओं ने समझा। डाॅ. दिलीप कुमार व विभागाध्यक्ष डाॅ. पुष्पराज सिंह उपस्थित थे।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्र शैक्षणिक भ्रमण में देखा बांगो डेम।