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जांजगीर-चांपा | धूल

होली विशेष में इस बार भास्कर ने आपके लिए जुटाईं अंचल से खास परंपराएं। इनके कारण ही हमारे बिलासपुर, जांजगीर-चांपा...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:20 AM IST
होली विशेष में इस बार भास्कर ने आपके लिए जुटाईं अंचल से खास परंपराएं। इनके कारण ही हमारे बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और सरगुजा में चढ़ती है फाग की मस्ती।


जांजगीर-चांपा | धूल पंचमी के दिन से पिथमपुर में प्रारंभ होने वाला जिले का एक मात्र मेला है, जहां देश भर के नागा साधु आते हैं। इस मेला में भगवान शिव की बारात निकालने का सिलसिला 98 साल पहले 1920 में शुरू हुआ था। तब से लगातार यह परंपरा चल रही है। इस वर्ष भी 6 मार्च से यह मेला शुरू होगा जो 15 दिनों तक चलेगा।

जोगीपाली में तीन िदन बाद बिखरेंगे होली के रंग

पर्व के लिए दिन तय

कोरबा | िजले के 4 ऐसे गांव हैं जहां पर्व को लेकर अपनी अलग ही परंपरा है। बासीन में त्योहार शुक्रवार को ही मनाया जाता है। 4 साल बाद होली शुक्रवार के दिन ही पड़ रहा है। जोगीपाली में सोमवार को पर्व मनाया गया। इसी तरह ग्राम खरहरी व धमनीगुड़ा में होलिका दहन नहीं होता। इस परंपरा को युवा आगे भी कायम रखना चाहते हैं।

बसवाही में आठ दिन पहले मनाई गई होली

8 दिन पहले मनी होली

सोनहत | ज्योतिषियों के अनुसार देशभर में 1 मार्च को होलिका दहन होगा और दो को होली मनाई जानी है। वहीं सोनहत ब्लॉक मुख्यालय से 8 किमी दूर ग्राम बसवाही व ब्लॉक बैकुुंठपुर के ग्राम पंचायत अमरपुर में आठ दिन पहले 22 फरवरी को ही ग्रामीणों ने एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाकर धूमधाम से होली का त्योहार मनाया।