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146 स्थानों पर सरकारी मकानों के लिए 827 करोड़ मंजूर, जमीन के फेर में अटकी प्रकिया

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्यभर मेंे आवास की कमी से जूझ रहे सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 02:25 AM IST

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्यभर मेंे आवास की कमी से जूझ रहे सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने 146 ब्लाक मुख्यालयों में इनके लिए मकान बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए 827 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। लोक अभियोजन संचालनायल के महानिदेशक ने सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर अपने-अपने जिलों से 25-25 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की बात कही है। सभी जगहों पर इसकी तलाश शुरू हो चुकी है। जानकारों के मुताबिक जगह की कमी के चलते कई जगहों ये प्रक्रिया अटकी हुई है।

उल्लेखनीय है कि रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर सहित अन्य जिलों में अधिकारी और कर्मचारियों को इसके लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसों पुराने भवन जर्जर होने की कगार तक पहुंच चुके हैं, पर इसमें निवास करना उनकी मजबूरी है। बिलासपुुर में सीएसपीडीसील, पुलिस, पीडब्ल्यूडी और दूसरे डिपार्टमेंट के कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। तिफरा की पुलिस कॉलोनी के हालात इतने बुरे हैं कई घरों के छप्पर और दीवारों में छेद हो चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी उनके हालातों का जायजा लेना नहीं चाहता। तिफरा में ही सीएसपीडीसील का अावासीय परिसर है। वहां के घरांे की स्थिति भयावह है। यहां निवासरत कर्मचारी हर दिन भय और दिक्कतों के बीच जिंदगी गुजार रहे हैं। कुछ दिन पहले बिजली विभाग के अधिकारियों ने इसकी मरम्मत कराने की बात कही थी। इसके बावजूद अव्यवस्था में कोई सुधार काम नहीं हो सका है। शासन के जिम्मेदारों के पास इस तरह की तमाम शिकायतें हरदिन पहुंच रही थी। इसके बाद उन्होंने बड़े पैमाने पर मकान बनाने का निर्णय लिया है। इसकी जिम्मेदारी गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों को दी गई है। पहले फेज में सभी स्थानों से जमीन की मांग की गई है। इसके बाद इसके लोकापर्ण करने का काम शुरू होगा। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द अधिकारी और कर्मचारियों को जर्जर भवनों से राहत मिलने की उम्मीद है।

छह टाइप के होंगे भवन, हर स्तर पर तकनीकी समिति का कराएंगे गठन

यह भी दिक्कत, जिसके कारण

लिया गया निर्णय

रायपुर में संयुक्त परामर्श दात्री समिति की बैठक 30 अप्रैल 2016 को संपन्न हुआ। इसमें अधिकारी और कर्मचारियों के लिए बाजार मूल्य में आवास लेने पर अधिक किराया भरने की बात उठी। इसमें ये भी बताया गया कि किराए के मकान पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव होता है। कॉलोनी जैसी सुविधाएं नहीं होतीं। यही वजह है कि इसके चलते परेशानी झेलनी पड़ती है। इन्हीं बातों के मद्देनजर हर जिलों में मकान बनाने पर सहमति जताई और इसका प्रोजेक्ट तैयार किया गया।

यह होगी मकानों की कैटेगिरी

सरकार ने प्रत्येक ब्लाक मुख्यालय में 6424 प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी है। इनमें छह एफ टाइप, 18 जी टाइप और 20 एच टाइप के कुल 44 आवासों का निर्माण करवाया जाएगा। इसके लिए हर स्तर पर तकनीकी समिति गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। वे ही प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार करेंगे। इसके बाद सरकार इस पर मुहर लगाएगी। सारी प्रक्रिया छह महीने के भीतर तैयार करने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद भवन निर्माण की नींव रखी जाएगी।

अफसरों के हॉस्टल के लिए 10 करोड़ का प्रस्ताव, पर सबकुछ फाइलों में कैद

बिलासपुर | बिलासपुर में सरकारी अफसरों के हॉस्टल के लिए 10 करोड़ रुपए मिले हैं। ये कोई दस महीने पहले की बात है। अभी तक इसकी प्रक्रिया फाइलों में उलझी पड़ी है। अफसरों को जमीन तय कर बड़े अधिकारियों को इसकी जानकारी भेजनी है। फिर आगे का काम शुरू करवाना है। टेंडर सहित दूसरे काम कराने हैं। इसके बावजूद अभी तक सबकुछ यथावत है। इसके चलते विकास कार्य ठप हैं।

सरकार ने इसके लिए राजस्व अधिकारियों को जगह और जमीन फाइनल करने की बात कही थी। इस ट्रांजिट हॉस्टल में वे सभी सुविधाएं होंगी, जिससे दूर-दराज से ठहरने आए अधिकारियों को कोई दिक्कत नहीं हों। इसके अलावा ट्रांसफर और ज्वाइन करने अफसरों को फिलहाल आवास की समस्या से जूझना पड़ता है। उनकी यह दिक्कत भी दूर हो जाएगी। पीडब्ल्यूडी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ने दस महीने पहले जानकारी दी थी कि उन्हें कलेक्टर से जमीन की परमिशन मिलने के बाद कंसल्टेट नियुक्त करने की जिम्मेदारी सौंपी है। यही वजह है कि उन्होंने इसके लिए पत्राचार किया गया था। उन्होंने एक सूची लोक निर्माण विभाग के सेक्रेटरी को भेजी। तर्क दिया गया कि मामले में उनसे अनुमति मिलने और जमीन तय होने के बाद इसकी अौपचारिकताओं का काम शुरू हाेगा।

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Web Title: 146 स्थानों पर सरकारी मकानों के लिए 827 करोड़ मंजूर, जमीन के फेर में अटकी प्रकिया
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