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टूटे पुल की रैलिंग और पुलिया को सुधारने पर कोई ध्यान नहीं

पीडब्ल्यूडी के सेतु निगम, नेशनल हाइवे के ज्यादातर पुल-पुलिया खतरनाक हैं, क्योंकि इनके किनारे रेलिंग नहीं है। कहीं...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 02:25 AM IST

पीडब्ल्यूडी के सेतु निगम, नेशनल हाइवे के ज्यादातर पुल-पुलिया खतरनाक हैं, क्योंकि इनके किनारे रेलिंग नहीं है। कहीं रखरखाव नहीं होने से टूट गए तो कहीं बारिश में आई बाढ़ में बह गए, इसके बाद भी अफसरों का दावा है कि लगातार मेंटेनेंस करते हैं। उसलापुर में गोकने नाला, तिफरा में मन्नाडोल तो अंचल में दर्रीघाट, कुटीघाट और तखतपुर, मुंगेली, लोरमी, कोटा तक में जानलेवा बने हुए हैं। सिरगिट्‌टी महमंद बाइपास हाे या दूसरे, जिले और ब्लॉक की सड़कें, इन पर बने पुल भी जर्जर होते जा रहे हैं। हद तो इस बात की इनमें सालों बाद रेलिंग नहीं लगवाई गई है, जिसके कारण इनमें गुजरने वाले ट्रक और यात्री बसों के गिरने या हादसे की आशंका बनी होती है। जानकारी के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि पब्लिक ने इसकी बीसियों शिकायत अफसरों से कर रखी है। दैनिक भास्कर ने टीम ने इनका जायजा लिया तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। दरअसल, इनके हालात बदतर होते जा रहे हैं। फिलहाल कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

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Web Title: टूटे पुल की रैलिंग और पुलिया को सुधारने पर कोई ध्यान नहीं
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