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ढोल-नगाड़े व मांदर की थाप पर फाग गीतों के बीच हुआ होलिका दहन

शहर में आज धूमधाम से होली मनाई जाएगी। इससे पहले ही होली के रंग में पूरा शहर सराबोर हो चुका है। सतरंगी त्योहार होली...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 02:25 AM IST

ढोल-नगाड़े व मांदर की थाप पर फाग गीतों के बीच हुआ होलिका दहन
शहर में आज धूमधाम से होली मनाई जाएगी। इससे पहले ही होली के रंग में पूरा शहर सराबोर हो चुका है। सतरंगी त्योहार होली शुक्रवार को मनाया जाएगा। इससे पहले गुरुवार को होलिका दहन किया गया। इस दौरान नगर के लोग होलियाना मूड में दिखे। जगह-जगह होलिका दहन करने रतजगा हुआ। इस त्योहार से उत्साहित युवा व बच्चे भी डीजे की धुन पर थिरकते रहे। पानी व रंगों की बौछारें होती रहीं। हर तरफ फाग गीतों का दौर चलता रहा। लोग ढोल-नगाड़े व मांदर के बीच फाग गीत गाते रहे। हर कोई रंग के नशे में दिखा। होली पर शुक्रवार को लोग रंग लगाकर जिंदगी को रंगीन बनाएंगे।

गुरुवार को स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, शासकीय कार्यालयों में छुट्टी का माहौल दिखा। शुक्रवार को रंगों का त्योहार होने के कारण नगर का मिजाज होलियाना दिखा। जगह-जगह होलिका दहन किया गया। घर का काम जल्द निपटाकर महिलाएं भी होलिका दहन देखने पहुंचीं। इस दौरान पारंपरिक रिवाज से लोगों ने होलिका दहन किया। पूजा-पाठ कर होलिका में आग लगाई। इसके साथ ही ढोल-नगाड़ों और मांदर की थाप के बीच फाग गीतों का दौर चला। इस दौरान लोग मन डोले रे माघ फगुनवा..., छोटे श्याम कन्हईया रे..., मुख मुरली बजाए..., फागुन आगे फागुन आगे..., मन भौंरा रे... फाग गीत गाया। वहीं कई जगहों पर युवाओं ने तेज साउंड डीजे पर होली खेले रघुवीरा अवध में..., आ रंग दू तुझे अपने रंग में सजना..., होली आई रे आई रे..., चल जा रे हट नटखट..., रंगीलो म्हारो ढोलना... पर जमकर थिरके। इस दौरान पानी और रंगों की बरसात की गई। रंग गुलाल लगाकर लोग एक-दूसरे को होली व हिंदू नव वर्ष की बधाई देते रहे। देर रात तक यह क्रम चलता रहा। फाल्गुन शुक्ल पक्ष में पूर्णिमा पर भद्रा योग सूर्योदय से शाम 7:41 बजे तक था। भद्रा समाप्ति के बाद से ही होलिका दहन का शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो गया। शुक्रवार को होली मनाई जाएगी।

स्कूल, कॉलज व यूनिवर्सिटी में छात्रों ने होली खोली

होलिका दहन के बाद फाग गीतों की प्रस्तुति लोगों ने दी। शहर में कई जगहों पर लोगों ने होलिका दहन किया।

कई जगहों पर होलिका की प्रतिमा लगाई गई

होलिका जलाने कई जगहों पर लकड़ी का ढेर इकट्ठा किया गया। इस दौरान कई जगहों पर होलिका की प्रतिमा बिठाई गई। साथ में प्रहलाद को गोद में बिठाया गया था। शहर के हर कॉलोनी, मोहल्ले के चौक-चौराहों पर होलिक दहन के सजाया गया था। लोगों ने एक दिन पहले ही इसे सजा लिया था। गुरुवार की शाम को पूजा-अर्चना कर जलाया।

देवकीनंदन चौक से जवाली नाला तक बिके रंग-गुलाल

शहर में होलियाना माहौल रविवार को देखने लायक था। गुरुवार को बाजार जहां अपने शबाब पर था, वहीं होली के कारण देवकीनंदन चौक, सदर बाजार, गोल बाजार और जवाली नाला के पास होली की सामग्री की दुकानें लगीं। यहां जमकर लोग रंग, गुलाल और पिचकारी खरीदे। सुबह से शाम तक बाजार में भीड़ लगी रही।

बुराई की होलिका मुहूर्त पर जली

होलिका दहन का मुहूर्त सूर्योदय से शाम 7:41 बजे तक था। इस दौरान होलिका मानने वालों और शास्त्र नियमों के हिसाब से समय पर कई जगहों पर होलिका जलाई गई। वहीं उत्साही लोगों ने देर रात को होलिका दहन किया। जो भी हो बुराई रूपी होलिका को जलाकर लोगों ने अच्छाई की जीत और शांति की कामना की।

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