• Hindi News
  • Chhattisgarh
  • Bilaspur
  • दिन ढलने के पहले ही हो गई रात राज्य का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबा
--Advertisement--

दिन ढलने के पहले ही हो गई रात राज्य का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबा

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:25 AM IST
दिन ढलने के पहले ही हो गई रात राज्य का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबा

भास्कर न्यूज | रायपुर/बिलासपुर/कवर्धा/कोरिया/कोरबा

राजधानी सहित प्रदेश के कई इलाकों में रविवार शाम को तेज अंधड़ चला और रात तक बारिश होती रही। इस बेमौसम अंधड़-बारिश से रायपुर समेत कई हिस्से अंधेरे में डूब गए। शहरों में बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन आम और टमाटर की फसल चौपट होने का खतरा पैदा हो गया है। आम के पेड़ों से बौर या छोटे फल झड़ गए हैं। पके टमाटर भी खेतों में टूटकर गिरे हैं। गेहूं की कटी फसल को भी इस मौसम से तगड़े नुकसान का अंदेशा है। वहीं, मौसम विभाग और कृषि मौसम विभाग ने सोमवार को भी कहीं-कहीं ऐसा मौसम रहने का अलर्ट जारी कर दिया है।

रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग में 10 दिन से पड़ रही तेज गर्मी के बाद रविवार को दोपहर से अचानक मौसम बदला और बादल नजर आने लगे। शाम से रात तक रायपुर, दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव, बिलासपुर समेत कई बड़े-छोटे शहरों में अंधड़ के साथ तेज बारिश हुई। कहीं-कहीं ओले भी गिरे। रायपुर में नमी के साथ आई समुद्र की हवा शाम 5 बजे के आसपास अंधड़ के रूप में दाखिल हुई। इसकी रफ्तार 60 किमी प्रतिघंटा थी। अंधड़ से पेड़ों की डंगालें गिरीं और होर्डिंग्स उड़ गए। तारों पर गिरने की वजह से बिजली सप्लाई ठप हो गई। शेष|पेज 5





करीब 15 दिन तक तूफानी हवा के बाद शाम 7 बजे तक फुहारें पड़ती रहीं। इस दौरान लगभग 5 मिमी पानी गिरा। आसपास के शहरों में भी शाम 5 से 6 के बीच इसी तरह अंधड़ चला और बारिश हुई।



कुछ जगह आज भी अंधड़-बारिश

लालपुर मौसम केंद्र के निदेशक डा. प्रकाश खरे के अनुसार द्रोणिका के सक्रिय होने की वजह से पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम बदला है। इसका असर एक-दो दिन रहेगा। इसलिए सोमवार को भी प्रदेश में दोपहर के बाद कहीं-कहीं अंधड़-बारिश के आसार हैं।





राजधानी मंे ब्लैक आउट जैसे हालात

आंधी के कारण तारों पर होर्डिंग्स और पेड़ों की डंगाले गिरने से राजधानी में शाम 6 बजे से ब्लैक आउट जैसे हालात हो गए। दरअसल अंधड़ आते ही बिजली कंपनी ने कुछ हिस्से में बिजली सप्लाई रोक दी। इनमें से जहां तार नहीं टूटे, वहां शाम साढ़े 6 बजे बिजली आ गई, लेकिन घने शहर का बड़ा हिस्सा देर रात तक अंधेरे में डूबा रहा। आधा दर्जन जगह ट्रांसफार्मर भी फेल हुए। बिजली कंपनी के अफसरों ने बताया कि मौसम सामान्य होने के बाद सप्लाई बहाल करने की कोशिश की जा रही है। छोटे फाल्ट रात 8 बजे तक सुधार लिए गए हैं। बड़े फाल्ट भी 10 बजे तक ठीक कर लिए जाएंगे।



बीमा क्लेम करें किसान :

इंदिरा गांधी कृषि विवि के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के एचओडी डा. जीके दास ने बताया कि तेज आंधी और बारिश से टमाटर टूटकर खेतों में गिरने का खतरा है। इससे फसल और क्वालिटी, दोनों प्रभावित होंगी। आम के जिन पेड़ों पर बौर या छोटे फल हैं, तेज हवा से झड़ सकते हैं। नमी के कारण कट चुके गेहूं को भी नुकसान की आशंका है। जो फसल बीज के लिए ली गई, उसकी क्वालिटी खराब होने का खतरा है। उन्होंने किसानों को तुरंत फसल बीमा क्लेम करने की सलाह दी है।

रायपुर शाम 5 बजे: धूल में गुम राठौर चौक

बिलासपुर में कई जगह पेड़ उखड़े, ओलावृष्टि से मसूर, चना, गेहूं और सब्जियों को भारी नुकसान

बिलासपुर शहर और आसपास के इलाके में तेज आंधी की वजह से कई पेड़ उखड़ गए और टहनियां टूट गईं। धूलभरी आंधी चली तो लोग परेशान हो गए। आंधी थमी तो बारिश होने लगी। करीब एक घंटे तक बारिश हुई। कई इलाकों में बिजली के तार टूट जाने से अंधेरा छाया रहा। करीब तीन से चार घंटे तक अलग-अलग इलाकों में बिजली बंद रही। कवर्धा जिले के इंदौरी और गुढ़ा क्षेत्र में ओले गिरने से मसूर, चना, गेहूं और सब्जी के पौधों को भी नुकसान हुआ है। बेमेतरा में करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। कोरबा के हरदीबाजार क्षेत्र में ओले भी गिरे। कोरिया, चिरमिरी, मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर में कई घंटों तक बिजली गुल रही।

X
दिन ढलने के पहले ही हो गई रात राज्य का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबा
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..