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सिटी रिपोर्टर | बिलासपुर

सिटी रिपोर्टर | बिलासपुर वैज्ञानिक सोच को हमें अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना होगा। जिससे रचनात्मक क्षमता का...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:25 AM IST
सिटी रिपोर्टर | बिलासपुर

वैज्ञानिक सोच को हमें अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना होगा। जिससे रचनात्मक क्षमता का विकास हो और नित नए आयाम गढ़े जा सकें। इस दिवस का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित करना, प्रेरित करना और विज्ञान व वैज्ञानिक उपलब्धियों के प्रति सजग बनाना है। उक्त बातें भौतिकीय विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर पीके बाजपेयी ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर छात्रों को संबोधित करते हुए कही।

गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के शुद्ध और अनुप्रयुक्त भौतिकी विभाग में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर गणित, वनस्पति, रसायन व भौतिकी विभाग के शिक्षकों ने परिचर्चा में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में नोबेल पुरस्कार विजेता चंद्रशेखर वेंकटरमण के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने विज्ञान के समावेशित विकास पर अपने वक्तव्य दिए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विभागाध्यक्ष डॉ. एचएस तिवारी, डॉ. चारू अरोरा, डॉ. पीपी मूर्ति, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. एमएन त्रिपाठी, प्रोफेसर गौतम पात्रा, डॉ. एके दीक्षित आदि ने रमण प्रभाव के विभिन्न आयामों पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर समावेशी विकास में विज्ञान की उपयोगिता और मूल शोध कार्य करने की दिशा में समग्र मंथन किया गया। कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के विज्ञान क्लब की गतिविधियों को पुनः सुचारू रूप से संचालित करने का निर्णय लिया गया। यूनिवर्सिटी द्वारा प्रकाशित शोध पत्रिका छत्तीसगढ़ जर्नल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के पुनः प्रकाशन करने का निर्णय भी लिया गया। कार्यक्रम का संचालन विज्ञान क्लब के संयोजक डॉ. आरपी प्रजापति ने किया। कार्यक्रम का आयोजन भौतिकी विभाग में विभागाध्यक्ष डॉ. एचएस तिवारी के निर्देशन में किया गया। धन्यवाद ज्ञापन गणित विभाग के शिक्षक डॉ. मनीष कुमार गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में विवि के शिक्षक, शोधार्थी और छात्रों ने भाग लिया।