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सुविधाएं बढ़ने से कुलियों के सामने काम का संकट

रेलवे प्लेटफार्म में बढ़ रही हाईटेक सुविधाओं के चलते अब कुली बेरोजगार होने लगे हैं। ऐसे में उनके सामने रोजी रोटी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:25 AM IST

सुविधाएं बढ़ने से कुलियों के सामने काम का संकट
रेलवे प्लेटफार्म में बढ़ रही हाईटेक सुविधाओं के चलते अब कुली बेरोजगार होने लगे हैं। ऐसे में उनके सामने रोजी रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। कुलियों ने उन्हें चतुर्थ श्रेणी पद पर समायोजित करने की मांग रेलवे प्रशासन से की है। इस संदर्भ में गुरुवार को देशव्यापी धरना- प्रदर्शन किया गया। कुलियाें ने दिनभर काम नहीं किया। इससे यात्रियों परेशान हुए।

रेलवे प्रशासन तेजी के साथ स्टेशनों में यात्री सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। इन सुविधाओं में लिफ्ट, स्वचलित सीढ़ी, बैटरी कार, रोलिंग बैग, रैंप वाली सीढ़ी आदि सुविधाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं के चलते अब ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों को कुलियों की आवश्यकता कम पड़ रही है। कुलियों की पूछपरख हर दिन कम होती जा रही है। ऐसे में परेशान कुलियों के सामने आंदोलन के सिवाय और कोई रास्ता नहीं रह गया है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन में कार्यरत 165 कुलियों ने स्वयं को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद पर समायोजित करने की मांग को लेकर बुधवार को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक रेलवे स्टेशन के गेट नंबर एक पर धरना-प्रदर्शन किया। इसी सिलसिले में 26 फरवरी को डीआरएम से मुलाकात कर उन्होंने ज्ञापन भी सौंपा। कुलियों की मांग है कि उन्हें गैंगमैन बनाया जाए, बुजुर्ग कुलियों के आश्रितों को उनकी जगह पर नौकरी दी जाए, कुलियों को उनके कार्यरत स्टेशन पर ही नियुक्त किया जाए, 2008 के अनफिट कुलियों को ग्रुप डी के अन्य पदों पर नियुक्त करें। एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर कुलियों ने हक की लड़ाई शुरू की है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे कुली कल्याण समिति के सचिव सुभाष यादव ने बताया कि 10 साल पहले बिलासपुर रेलवे स्टेशन के 26 कुलियों ने अदालत में मामला दायर कर नौकरी में रखने की मांग की थी। 10 साल तक चले केस के दौरान 2 लोगों की मौत हो गई। फैसला कुलियाें के पक्ष में आया तो शेष बचे 23 कुलियों में से 11 लोगों को रेलवे ने ग्रुप डी में नौकरी दे दी है। सचिव ने कहा कि यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

चतुर्थ श्रेणी पद पर समायोजन के लिए धरना-प्रदर्शन किया, दिनभर परेशान होते रहे यात्री

रेलवे स्टेशन के बाहर धरना-प्रदर्शन करते कुली।

एक उंगली खराब हुई तो अनफिट कर

श्यामू यादव नामक कुली भी उन 26 कुलियों में से एक है जिसने नौकरी के लिए कोर्ट से केस जीता। श्यामू ने बताया कि जब मेडिकल टेस्ट हुआ तो पांच डाक्टरों में से सिर्फ एक डाॅक्टर ने सीधे हाथ की एक उंगली के मुड़े होने पर आपत्ति जताई। अन्य चार डाॅक्टरों ने इस पर कोई कमेंट्स नहीं किया। इसके बाद भी उसे नौकरी नहीं दी गई। वर्षों से ऐसे ही काम कर रहा हूं।

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Web Title: सुविधाएं बढ़ने से कुलियों के सामने काम का संकट
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