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ओडीएफ गांवों में भी तुलसी और पीपल का पेड़ लगाना भूले अफसर, काम भी शुरू नहीं कराया

राज्य सरकार ने सभी जिलों के ओडीएफ (ओपन डिफिकेशन फ्री) गांवों में पीपल और तुलसी के पेड़ लगाने का अनूठा फरमान जारी किया...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:30 AM IST
राज्य सरकार ने सभी जिलों के ओडीएफ (ओपन डिफिकेशन फ्री) गांवों में पीपल और तुलसी के पेड़ लगाने का अनूठा फरमान जारी किया था। इसे कई स्थानों पर अभी तक लागू नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसका सर्वे काम भी शुरू नहीं हुआ है।

केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर और गंावों में गंदगी दूर करने की पहल शुरू की। सफाई की मंशा से प्रारंभ योजना में भारत के हर गांव में टॉयलेट बनाकर ग्रामीणों को खुले में शौच से आजादी दिलाने का संकल्प लिया गया। राज्य में जिलों के अफसरों को इसके लिए लक्ष्य प्रदान किया गया और इसकी मॉनिटरिंग के निर्देश जारी किए गए। छत्तीसगढ़ में जिला और जनपद पंचायतों के जरिए यह स्कीम गांवों में उतारी गई। पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाकर सरपंच, सचिवों को इसकी कमान सौंपी गई। इसके तहत जिले के कई गांव ओडीएफ यानी स्वच्छ घोषित हो चुके हैं। इसके उलट कई गांवों में अभी भी ग्रामीण शौचालय का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। यह अफसरों के चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने सरकार तक यह बात पहुंचाई थी कि लोगाें को प्रेरित करने के बावजूद कई जगहों में लोग खुले में शौच करने के जा रहे हैं। इसके बाद सरकार ने सभी जिलों में तुलसी और पीपल का पेड़ लगाने का निर्देश जारी करवाया था। इसके बावजूद सब यथावत है। सीईओ ने इसे लेकर कई गांवों में सचिव और सरंपचों को चिट्‌ठी चलाई थी। उन्होंने इसके लिए बजट होने की बात भी बताई। इसके बावजूद इसकी ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तब दावे किए गए थे कि सबकुछ जल्दी हो जाएगा। सरकार की योजना जल्द अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा पेड़ों के संरक्षण पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। फिर भी अभी मामला यह है कि कोई यहां पूछने वाला नहीं है। कुछ ग्रामीण बताते हैं कि उनके गांव में कोई इस मामले में पूछने तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि इसके कारण अब उन्होंने इस विषय में बोलना बंद कर दिया है।

इन स्थानों पर लगाने थेे पेड़

बिल्हा जनपद पंचायत के सीईओ आरएस नायक ने इसके लिए सभी 15 ओडीएफ गांवों को पत्राचार किया था। उनके अधीन आने ये गांव स्वच्छ भारत अभियान के तहत मॉडल घोषित हुए हैं। इनमें मोहतराई, मोहतरा, कोरबी, खैरा लगरा, नगोई, सेलर, पीपरा, गढ़वट, बसिया, नगपुरा पासीद कोरमी, मंगला, कोनी और धौराभाठा क्षेत्रों में घरों-घर शौचालय निर्माण कराया गया है। इसके बावजूद कई गांवों की स्थिति अच्छी नहीं है।