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रतनपुर का रामटेकरी मंदिर सार्वजनिक, कब्जे के लिए पुजारी ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका

ऐतिहासिक नगरी रतनपुर के रामटेकरी स्थित राम जानकी मंदिर सार्वजनिक मंदिर और वहां रखी मराठाकालीन प्रतिमाओं पर हक...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:30 AM IST
ऐतिहासिक नगरी रतनपुर के रामटेकरी स्थित राम जानकी मंदिर सार्वजनिक मंदिर और वहां रखी मराठाकालीन प्रतिमाओं पर हक जताने के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। जिले के ऐेतिहासिक और पुरातात्विक मंदिरों के देखरेख की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होती है। कलेक्टर इसके प्रशासक होते हैं। प्रशासन के ध्यान में यह बात सामने आई कि मंदिर पर निजी व्यक्ति का कब्जा है। इसके बाद मौके की वीडियोग्राफी कराई गई तथा मंदिर को सार्वजनिक घोषित किया गया। प्रशासन की कार्रवाई के बीच मंदिर की तरफ से अपना हक जताने के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगा दी गई।

कल्चुरी और मराठा काल में राजधानी रहे रतनपुर में राम जानकी मंदिर का निर्माण 17वीं शताब्दी में शंभाजी राव भोंसले ने किया था। वर्तमान में पं. महेश कुमार दुबे मंदिर में रहकर पूजा-पाठ आदि कर रहे हैं। 14 फरवरी को रतनपुर के नायब तहसीलदार ने मंदिर परिसर की वीडियोग्रॉफी करवाई। इसके बाद मंदिर को आम लोगों के लिए सार्वजनिक करने की जानकारी दी। इसकी खबर मिलते ही पुजारी महेश कुमार दुबे ने राम जानकी मंदिर की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका लगाते हुए मंदिर के अधिग्रहण करने पर रोक लगाने की मांग की। बुधवार को जस्टिस संजय के अग्रवाल की बेंच ने अंतरिम आवेदन पर फैसला सुरक्षित रखा है।

ट्रस्ट बनाकर की जाएगी मंदिर की देखरेख: कलेक्टर

पूरे विवाद पर कलेक्टर पी. दयानंद ने कहा कि जिले में स्थित ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व के मंदिरों और प्रतिमाओं का प्रशासक कलेक्टर होता है। जिला प्रशासन के पास ऐसे मंदिरों व प्रतिमाओं के संरक्षण, देखरेख आदि की जिम्मेदारी होती है। पुजारी ने निजी संपत्ति होने की जानकारी दी, जबकि ऐतिहासिक व पुरातात्विक मंदिरों पर अब सरकार का अधिकार है। जांच करवाई जा रही है कि इतने सालों से एक परिवार कैसे इस मंदिर व प्रतिमाओं का उपयोग करता रहा है। अब ट्रस्ट बनाकर मंदिर व प्रतिमाओं की देखभाल की जाएगी। मंदिर की सुरक्षा के इंतजाम करने के साथ इसे आम नागरिकों के लिए सार्वजनिक किया जाएगा।