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होलिका दहन में भद्रा बाधक नहीं, गुरु-शनि का दुर्लभ संयोग बन रहा

होलिका दहन में अशुभ माना गया भद्रा योग बाधक नहीं रहेगा। होली पर्व पर भी 28 साल बाद गुरु-शनि का दुर्लभ योग बन रहा है।...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:30 AM IST
होलिका दहन में अशुभ माना गया भद्रा योग बाधक नहीं रहेगा। होली पर्व पर भी 28 साल बाद गुरु-शनि का दुर्लभ योग बन रहा है। मघा व फाल्गुनी नक्षत्र की स्थिति भी शुभ रहेगी। इससे पहले ऐसा संयोग होली पर्व पर वर्ष 1990 में बना था। वहीं दूसरी ओर शहर में गोल बाजार सहित कई जगहों पर रंग-गुलाल, पिचकारी की दुकानों में लोगों ने जमकर खरीदारी की। 2 मार्च को लोग रंग व गुलाल से होली खेलेंगे। शहर के स्कूल, कॉलेज में बुधवार को छात्र-छात्राओं ने गुलाल उड़ाकर होली खेली।

ज्योतिषियों ने बताया कि वर्तमान में गुरु के स्वामित्व वाली धनु राशि में शनिदेव विराजमान हैं। होली पर्व के दिन गुरु और शनि का यह दुर्लभ संयोग लाभकारी रहेगा। शनि प्रजा व न्याय का कारक ग्रह होता है इससे प्रजा के हित में निर्णय होंगे। होली के दिन मघा व पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। मघा नक्षत्र का स्वामी केतु होता है। रहस्यों को उजागर करने वाला ग्रह है। पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी लक्ष्मी कारक शुक्र ग्रह होगा।

बुधवार को दोपहर के समय बिलासा गर्ल्स कॉलेज में छात्राएं गुलाल लगा होली खेलती हुई।

बिकने लगे रंग व पिचकारी

होली पर्व को लेकर अब शहर के बाजार में रौनक बढ़ गई है। दुकानों में रंगों की सजावट दिखने लगी है। सस्ती से सस्ती और महंगी से महंगी पिचकारी बिकने के लिए आ गई हैं। बच्चे अभी से गुलाल लेकर उड़ाने लगे हैं।

होलिका दहन आज

1 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पक्ष में पूर्णिमा पर भद्रा योग सूर्योदय से शाम 7:41 बजे तक रहेगा। भद्रा समाप्ति के बाद से ही होलिका दहन का शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो जाएगा। यह योग रात्रि 11:50 बजे तक रहेगा। भद्रा काल अशुभ होने से होलिका दहन करना वर्जित माना जाता है।