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पेंशन व ग्रेच्युटी रोकने रिटायरमेंट के दिन क्रिमिनल केस लंबित होना जरूरी

हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी भी अधिकारी- कर्मचारी की पेंशन व ग्रेच्युटी रोकने के लिए उसके रिटायरमेंट के दिन आपराधिक...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:30 AM IST
हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी भी अधिकारी- कर्मचारी की पेंशन व ग्रेच्युटी रोकने के लिए उसके रिटायरमेंट के दिन आपराधिक प्रकरण लंबित होना जरूरी है। हाईकोर्ट ने वेटनरी डिपार्टमेंट से रिटायर अधिकारी को 8 फीसदी ब्याज के साथ पूरी ग्रेच्युटी का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।

रीवा, मध्यप्रदेश निवासी एसडी द्विवेदी वेटनरी डिपार्टमेंट से 31 अक्टूबर 2012 को रायगढ़ में पदस्थापना के दौरान डिप्टी डायरेक्टर के पद से रिटायर हुए। रिटायरमेंट के दिन उनके सस्पेंड होने के आधार पर उनकी ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया। इस पर उन्होंने हाईकोर्ट में पूर्व में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने उनके मामले पर पेंशन कमेटी को निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। पेंशन कमेटी ने पाया कि उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 468, 471/ 34 के तहत प्रकरण दर्ज है, इस वजह से मामले का निराकरण होने के बाद ही वे ग्रेच्युटी भुगतान के लिए पात्र होंगे। इस पर उन्होंने फिर से हाईकोर्ट में याचिका लगाई। याचिका पर नोटिस के जवाब में राज्य शासन की तरफ से बताया गया कि द्विवेदी के रिटायर होने के बाद 29 नवंबर 2012 को आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था। इस मामले पर अंतिम निर्णय के बाद ही उनकी ग्रेच्युटी का भुगतान होगा। मामले की सुनवाई जस्टिस संजय के अग्रवाल की बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि उनके रिटायर होने के बाद दुर्भावनापूर्ण तरीके से उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया था। हाईकोर्ट ने नियमों और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फुल बेंच द्वारा दिए गए निर्णय का हवाला देते हुए कहा है कि किसी भी अधिकारी- कर्मचारी की पेंशन या ग्रेच्युटी तभी रोकी जा सकती है जब उसके रिटायरमेंट के दिन उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया हो या लंबित हो। याचिका मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने 8 फीसदी ब्याज के साथ पात्रता की तारीख से पूरी ग्रेच्युटी का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।