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महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार को रोकने सभी का सहयोग जरूरी: न्यायाधीश कुजूर

महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए सभी का सहयोग बहुत जरूरी है। कई महिलाएं घर से लेकर कार्यस्थल पर शोषण...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:30 AM IST

महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए सभी का सहयोग बहुत जरूरी है। कई महिलाएं घर से लेकर कार्यस्थल पर शोषण के शिकार होती हैं। महिलाओं को उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने के लिए सिम्स में यौन उत्पीड़न आंतरिक निवारण समिति के तहत बुधवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता न्यायाधीश विनोद कुजूर थे। उन्होंने महिलाओं के कार्यस्थल पर अधिकार व कानून के संबंध में जानकारी दी।

सिम्स प्रभारी एमएस डॉ. रमणेश मूर्ति ने बताया कि महिलाओं के प्रति उत्पीड़न को रोकने के लिए समय-समय पर कार्यशाला का अायोजन जरूरी है। इससे महिलाओं को कानून के बारे में जानकारी मिलती है। लिहाजा महिलाएं जागरूक होती हैं। कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न रोकने में लोगों को मदद करनी चाहिए। सिम्स महिला यौन उत्पीड़न आंतरिक समिति की अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने लैंगिक समानता पर व्याख्यान दिया। उन्होंने 2017 के विश्व आर्थिक मंच के रिपोर्ट के आधार पर महिला एवं पुरुष की समानता सूचकांक में भारत की स्थिति इक्कीस पायदान नीचे जाने का कारण उन्होंने महिलाओं के आर्थिक भागीदारी काे कम होना बताया। उन्होंने महिलाओं को समान स्तर पर लाने के लिए आर्थिक सहभागिता लाने पर जोर दिया। अधिवक्ता रीता राजगीर ने महिलाओं की सामाजिक योगदान पर विचार प्रकट किया। इस दौरान डॉ. प्रशांत निगम के सहयोग से विविध साक्षरता पर आधारित दुर्ग विज्ञान कॉलेज के दिव्या मिंज द्वारा निर्मित फीचर फिल्म पहल दिखाई गई। मुख्य अतिथि सिम्स के डीन डॉ. पीके पात्रा, विशिष्ट अतिथि उपभोक्ता एवं जन सुविधा न्यास बोर्ड के न्यायाधीश नारायण सिंह, लीगल सेल सिम्स के डाॅ. भानु प्रताप सिंह व डॉ. भूपेंद्र कश्यप उपस्थित रहे। नर्सिंग इंचार्ज बोगी, वेरोनिका पाल, रमोला दास, सुनीता तिर्की, आशा मोनिका एक्का, पिंकी दास, पुष्पलता शर्मा, राजकुमारी हिरवानी, मीना निकुंज व चिकित्सा छात्रा अंजिल पाल लुका, मालविका चौबे द्वारा सुंदर गीतों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में सिम्स के चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारी सहित 400 लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में दिनेश निर्मलकर, अमरु साहू, नीलम लहरे, गंगाधर चंद्राकर, जितेंद्र दुबे,प्रकाशकीय अधिकारी विजय वर्मा, सुदर्शन, नीतू सोनी, लीलाधर यादव, अवधेश सिदार, डॉ. एआर बेन, डॉ. सुजीत नायक, डॉ. हेमलता, डॉ. विभा ध्रुव सहित अन्य उपस्थित रहे।

महिलाओं के कार्यस्थल पर अधिकार व कानून संबंधी जानकारी दी गई

सिम्स में यौन उत्पीड़न पर हुई कार्यशाला में उपस्थिति अतिथि और प्रतिभागी।

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