बिलासपुर

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दल बंधक बने, नारेबाजी, कुर्सी के लिए भी झगड़े

प्रशासनिक रिपोर्टर | बिलासपुर शनिवार को लोक सुराज अभियान खत्म हो गया। 12 जनवरी को शुरू हुआ तीन चरणों वाले अभियान...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 03:10 AM IST
प्रशासनिक रिपोर्टर | बिलासपुर

शनिवार को लोक सुराज अभियान खत्म हो गया। 12 जनवरी को शुरू हुआ तीन चरणों वाले अभियान के अंतिम समाधान शिविर हुए। सुराज पहले दिन से ही विवादों में रहा। दो गांवों में सुराज दल को पुरानी मांगे पूरी नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने बंधक बनाया। तीसरे दिन भी फिर दल बंधक बने। 2 लाख 27 हजार आवेदन आए। अधिकांश आवेदनों का कागजों में निराकरण कर दिया गया और जब समाधान शिविर लगे तो वहां भी कई तरह के विवाद हुए। एक अधिकारी पर आवेदन फाड़ने का आरोप लगा तो कहीं-कहीं नेता मंच पर कुर्सी के लिए झगड़ते व अधिकारियों को कोसते रहे।

तीन चरणों में 12 जनवरी से शुरू हुआ सुराज खत्म, शुरुआत से ही विवादाें में रहा

जानिए सुराज शिविरों में किन-किन बातों को लेकर क्या-क्या विवाद हुए

मंच में कुर्सी पाने हंगामा व गाली गलौज भी हो चुकी है

पिछले दिनों जयरामनगर समाधान शिविर में कुर्सी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मंच पर कुर्सियां कम पड़ गई तो नेताओं ने विरोध शुरू कर दिया। कथित तौर पर जनप्रतनिधियों ने जनपद पंचायत के अधिकारी को गालियां भी दीं। वहां अपर कलेक्टर भी मौजूद थे। कोटा में जनप्रतिनिधियों ने मंच पर कुर्सी नहीं मिलने के बाद पंडाल पर ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। ऐसा ही मामला पथरिया में भी देखने को मिला। बिल्हा ब्लाॅक में आयोजित एक शिविर में भी कुर्सी नहीं मिलने से नाराज नेता ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया था।

आवेदन फाड़े गए, नारेबाजी

कोटा ब्लॉक के मझगांव समाधान शिविर में बीईओ प्रतिभा मंडलोई पर आवेदिका सरोज बाई मानिकपुरी के आवेदन को फाड़कर उसे मंच से जाने के लिए कहने का आरोप लगा। इस पर जनप्रतिनिधियों ने हंगामा किया और अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी भी की। आवेदन शिक्षा विभाग में रसोइयों की मांग को लेकर था। हालांकि बीईओ ने आवेदन फाड़ने की बात स्वीकार नहीं की। मंच पर अपर कलेक्टर केडी कुंजाम सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

तखतपुर ब्लॉक के मेढ़पार छोटा के समाधान शिविर में कलेक्टर पी.दयानंद ने कहा कि शिविर का आखिरी दिन है लेकिन प्रशासन जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सुराज के दौरान लोगों की समस्याओं के निराकरण की हर संभव कोशिश की गई है। आगे भी प्रशासन समस्याएं दूर करने तत्पर है। शिविर में तखतपुर जनपद अध्यक्ष नूरिता कौशिक भी थीं।

कलेक्टर बोले- समस्याएं दूर करने पूरी कोशिश हुई

सड़क नहीं बनी, दल को घेरा

चार साल बाद भी सड़क नहीं बनने से नाराज सकरी इलाके के ग्राम पंचायत बहतराई के ग्रामीणों ने सुराज के पहले ही दिन दल को बंधक बना लिया। चार साल पहले भी उन्होंने ऐसा किया था। सकरी तहसीलदार लता उर्वशा और नोडल अधिकारी मनोज राय का भी महिलाओं ने घेराव कर दिया। कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सेमरा, चपोरा और शहर से लगे ग्राम मोपका में भी सुराज दलों को ग्रामीणों ने घंटों बंधक बनाए रखा।

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