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पुलिस में नया बीट सिस्टम लागू, सिपाही भी गली-मोहल्लों के बनाए जाएंगे इंचार्ज

अब सिपाहियों को भी बीट का इंचार्ज बनाया जा रहा है। उसे जिसका प्रभार मिलेगा उस मोहल्ले का वह थानेदार होगा। वह हर रोज...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 03:20 AM IST

अब सिपाहियों को भी बीट का इंचार्ज बनाया जा रहा है। उसे जिसका प्रभार मिलेगा उस मोहल्ले का वह थानेदार होगा। वह हर रोज जाकर वहां की समस्याएं व शिकायतें सुनकर प्रोफार्मा में दर्ज करेगा। आईजी ने इसकी पहल की है। एसपी को इसपर अमल करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। नया बीट सिस्टम लागू कर रहे हैं। शहर की कानून व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस ने थानों में नए सिरे से बीट प्रथा लागू कर दी है। थाने में पदस्थ सिपाही से लेकर एसआई तक को अलग-अलग क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। वे अपने थाना क्षेत्र में आने वाले गली-मुहल्ले, कॉलोनी के थानेदार होंगे। बीट प्रभारी के नाम व मोबाइल नंबर कॉलोनियों में चस्पा करने के साथ ही वहां पर बोर्ड लगाएं जाएंगे ताकि कोई भी पीड़ित कभी भी बीट प्रभारी से संपर्क कर सके।

जिले की कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के उद्देश्य से आईजी दीपांशु काबरा के निर्देश पर पुलिस थानों में बीट प्रथा लागू की गई है। सिपाही से लेकर एसआई तक को यह जिम्मेदारी इसलिए दी गई है कि वे शहर की हर गली, मोहल्ले की कॉलोनियों के बारे में पूरी जानकारी रखकर आसानी से कार्रवाई कर सकें। कॉलोनियों में बाहरी लोगों के आने की सूचना पर बीट प्रभारी को उनके नाम, नंबर व पते की सूची बनाकर रखनी होगी। थानेदारों ने थाने में पदस्थ सिपाहियों की संख्या के आधार पर उन्हें बीट की जिम्मेदारी मिलेगी। थानेदारों की जिम्मेदारी होगी कि वह बीट प्रभारियों को अपने-अपने इलाके की गतिविधियों पर निगरानी करने, नए किराएदारों के बारे में जानकारी एकत्र करने के साथ किसी भी वारदात की रिपोर्ट तैयार रखें। एएसपी अर्चना झा के अनुसार जिले के अधिकांश थानों में पर्याप्त बल नहीं है, पर जो बल, संसाधन उपलब्ध हैं, उनमें से कुछ लोग ही जिम्मेदारीपूर्वक ड्यूटी निर्वहन कर रहे हैं। बाकी पुलिस कर्मी अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास करते हैं। पुलिस थाने में तैनात पुलिस कर्मी अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करें तो काफी हद तक अपराधों पर अंकुश लग सकता है। इसे ध्यान में रखकर ही नए सिरे से पुलिसकर्मियों को बीट दिए जा चुके हैं।

डायरियों में दर्ज करेंगे नाम पता, आईजी की एक नई पहल

विशेषाधिकार रहेगा

बीट प्रभारियों के कामकाज की हर महीने क्षेत्र के थानेदार और सीएसपी समीक्षा करेंगे। इसके लिए विभाग की ओर से बीट प्रभारियों को डायरी दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बीट प्रभारियों को विशेषाधिकार दिया गया है, पर उन्हें थानेदार को पल-पल की रिपोर्ट देनी होगी। ड्यूटी के दौरान बीट प्रभारियों के फिक्स प्वाइंट पर रहना होगा। किसी भी तरह की आपात स्थिति में वह पेट्रोलिंग टीम और आसपास के थानेदारों के सीधे संपर्क में रहेंगे। जरूरत पड़ने पर पुलिस लाइन से अतिरिक्ति बल उपलब्ध कराया जाएगा।

सुरक्षा होगी मजबूत-आईजी

आईजी दीपांशु काबरा ने बताया कि शहर की पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने बीट सिस्टम लागू किया गया है। इस नई व्यवस्था से संबंधित इलाके के गली- मोहल्ले में होने वाले छोटे-मोटे अपराधों पर काफी हद तक लगाम लगने की संभावना है। क्षेत्र के लोगों से निरंतर संपर्क बनाए रखने से वहां की हर गतिविधि की जानकारी बीट प्रभारी के पास रहेगी। वहीं छोटी-मोटी समस्याओं को लेकर थानों का चक्कर लगाने से लोगों को निजात मिलेगी।

ये होंगे प्रमुख काम

बीट के सभी मोहल्ले व वहां रहने वाले लोगों की, महत्वपूर्ण व्यक्ति, जन प्रतिनिधि व पुलिस के सहयोगियों का नाम पता,मोबाइल नंबर, संदिग्ध लोगों की, नए किराएदारों की, निर्माण कार्य में आए नए मजदूरों के नाम पते व मोबाइल नंबर, उभरते गुंडे, चाकूबाजों की, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जानकारी रखेंगे। इसी तरह बंदूक लाइसेंसियों की जांच करेंगे, बीट क्षेत्र के चरित्र सत्यापन वाले आवेदनों की तस्दीक करेंगे, पेंशनरों व शासकीय सेवकों का डिटेल रखेंगे।

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