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कम बारिश के बाद भी जिले के 12045 किसानों ने 102 करोड़ रुपए से अधिक की धान बेची

भास्कर संवाददाता| बैकुंठपुर धान खरीदी की अंतिम तारीख 31 जनवरी तक किसानों ने 64740 मीट्रिक टन धान बेचा। जिसकी कीमत 102...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:30 AM IST
भास्कर संवाददाता| बैकुंठपुर

धान खरीदी की अंतिम तारीख 31 जनवरी तक किसानों ने 64740 मीट्रिक टन धान बेचा। जिसकी कीमत 102 करोड़ 93 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। खरीफ फसल के लिए किसानों ने 23 करोड़ का ऋण लिया था। अल्पवर्षा के बाद भी धान की खरीदी लक्ष्य से अधिक हुई है। अब बड़ी संख्या में किसान धान के भुगतान के लिए सहकारी बैंकों के चक्कर लगा रहे। एक बार में एक किसान को 20 हजार रुपए ही देने के नियम से किसान परेशान हंै। साल 2016-17 की तुलना में 998 नए किसानों से इस साल 4,333 मी.टन अधिक धान की खरीदी हुई लेकिन जिले के तीन ब्लाॅक जनकपुर, खड़गवा और मनेंद्रगढ में अल्पवर्षा रही। जबकि ब्लाक सोनहत और जिला मुख्यालय में भरपूर बारिश दर्ज की गई थी। पूरे जिले को सूखा घोषित करने के बाद भी लक्ष्य से अधिक धान की खरीदी वर्ष 2017-18 होना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। इसी बीच अवैध रूप से पकड़े गए धान को खादय विभाग के द्वारा मंडी अधिनियम के तहत निराकृत भी कर दिया गया है। तीन ब्लॅाक में अल्पवर्षा के बाद धान की बम्पर खरीदी, जिला प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। अल्पवर्षा के बाद धान की बम्पर पैदावार कैसे हुई? वहीं दूसरी ओर जिले के किसानो को 18 करोड़ सूखा राहत के तहत बांटे जाने हैं जिसमें से 3 करोड़ बांट भी दिये गए हैं। गौरतलब हो कि जिले में वर्ष 2017-18 में खरीफ फसल के लिए 63,500 मी.टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया था। इसमें 14905 किसानो के धान का कुल रकबा 27475.33 हेक्टेयर रहा। इसमें से 12045 किसानो से 31 जनवरी तक 64,740 मे.टन धान की खरीदी 20 समितियों के माध्यम से पूरी कर ली गई। हालांकि इस बार धान बोनस लेने के चक्कर में लगभग 2 हजार नए किसानों ने समितियों में धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। सामान्य बारिश के दौरान वर्ष 2016-17 में 13084 किसानो से 60 हजार मी.टन धान की खरीदी का लक्ष्य रखा गया था लेकिन 11045 किसानो से 60,407 मी.टन धान की खरीदी हुई थी। जबकि धान का रकबा 25015.90 हेक्टेयर था।

एक बार में 20 हजार रुपए ही बैंक से मिलने से किसानों को हो रही भारी परेशानी

भास्कर संवाददाता| बैकुंठपुर

धान खरीदी की अंतिम तारीख 31 जनवरी तक किसानों ने 64740 मीट्रिक टन धान बेचा। जिसकी कीमत 102 करोड़ 93 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। खरीफ फसल के लिए किसानों ने 23 करोड़ का ऋण लिया था। अल्पवर्षा के बाद भी धान की खरीदी लक्ष्य से अधिक हुई है। अब बड़ी संख्या में किसान धान के भुगतान के लिए सहकारी बैंकों के चक्कर लगा रहे। एक बार में एक किसान को 20 हजार रुपए ही देने के नियम से किसान परेशान हंै। साल 2016-17 की तुलना में 998 नए किसानों से इस साल 4,333 मी.टन अधिक धान की खरीदी हुई लेकिन जिले के तीन ब्लाॅक जनकपुर, खड़गवा और मनेंद्रगढ में अल्पवर्षा रही। जबकि ब्लाक सोनहत और जिला मुख्यालय में भरपूर बारिश दर्ज की गई थी। पूरे जिले को सूखा घोषित करने के बाद भी लक्ष्य से अधिक धान की खरीदी वर्ष 2017-18 होना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। इसी बीच अवैध रूप से पकड़े गए धान को खादय विभाग के द्वारा मंडी अधिनियम के तहत निराकृत भी कर दिया गया है। तीन ब्लॅाक में अल्पवर्षा के बाद धान की बम्पर खरीदी, जिला प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। अल्पवर्षा के बाद धान की बम्पर पैदावार कैसे हुई? वहीं दूसरी ओर जिले के किसानो को 18 करोड़ सूखा राहत के तहत बांटे जाने हैं जिसमें से 3 करोड़ बांट भी दिये गए हैं। गौरतलब हो कि जिले में वर्ष 2017-18 में खरीफ फसल के लिए 63,500 मी.टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया था। इसमें 14905 किसानो के धान का कुल रकबा 27475.33 हेक्टेयर रहा। इसमें से 12045 किसानो से 31 जनवरी तक 64,740 मे.टन धान की खरीदी 20 समितियों के माध्यम से पूरी कर ली गई। हालांकि इस बार धान बोनस लेने के चक्कर में लगभग 2 हजार नए किसानों ने समितियों में धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। सामान्य बारिश के दौरान वर्ष 2016-17 में 13084 किसानो से 60 हजार मी.टन धान की खरीदी का लक्ष्य रखा गया था लेकिन 11045 किसानो से 60,407 मी.टन धान की खरीदी हुई थी। जबकि धान का रकबा 25015.90 हेक्टेयर था।

23 करोड़ से अिधक का ऋण किसानों ने लिया





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