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बिलासपुर में गंदे पानी पर हाईकोर्ट सख्त, पीएचई के ईएनसी से मांगी रिपोर्ट

न्यायमित्रों ने बिलासपुर रायपुर में पीने के पानी की पाइप लाइन, ओवरहेड टैंक, लैब की जांच की थी, बताया था गंदा है पानी।

Dainik Bhaskar

Nov 18, 2017, 07:38 AM IST
High Court strict on dirty water in Bilaspur

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने पीएचई के इंजीनियर इन चीफ को बिलासपुर रायपुर में पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर न्याय मित्रों द्वारा पेश सुझावों पर अमल कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई यानी 12 दिसंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है।

- बिलासपुर नगर निगम की तरफ से सुझावों पर अमल करने का भरोसा दिलाया गया था। बिलासपुर और रायपुर में पीने के पानी की सप्लाई, पाइप लाइन, ओवरहेड टैंक, पानी की जांच के लिए बनाए गए टैंक, रायपुर में नदी का पानी रोकने के लिए बनाए गए एनीकट आदि की जांच करने के बाद हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त न्याय मित्रों मनोज परांजपे, अमृतो दास और सौरभ डांगी ने अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत की थी।

- शुक्रवार को चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन और जस्टिस शरद कुमार गुप्ता की बेंच में इस पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने रिपोर्ट और उसमें दिए गए सुझावों पर कहा कि इन सुझावों पर किसी भी विभाग या नगर निगम को किसी तरह की आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इन सुझावों पर रायपुर और बिलासपुर में पूरी तरह अमल किया जाए।

- बिलासपुर नगर निगम की तरफ से पहले ही अमल करने का भरोसा दिलाया गया था। हाईकोर्ट ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी यानी पीएचई के इंजीनियर इन चीफ को सुझावों पर समय निर्धारित करते हुए अमल करने को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

- ईएनसी को बताना है कि न्याय मित्रों द्वारा दिए गए सुझावों पर किस तरह अमल किया जाएगा, उन्हें इसके लिए नगरीय प्रशासन विभाग और जल संसाधन विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

- ईएनसी को 12 दिसंबर 2017 को सुनवाई के दौरान न्याय मित्रों के सुझावों पर अमल करने को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य शासन की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने भरोसा दिलाया कि हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी जल्द से जल्द पीएचई के ईएनसी तक पहुंचा दी जाएगी।

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