--Advertisement--

नीट पासआउट 79% दिव्यांग छात्रा को नहीं दिया मेडिकल में दाखिला, हाईकोर्ट ने कहा- वह कोर्ट आई थी, बेशक पूरी कर सकती है जिम्मेदारी, 15 तक करें काउंसिलिंग

हाईकोर्ट ने छात्रा की जांच के लिए एक्सपर्ट डॉक्टरों की कमेटी बनाई। कमेटी ने कहा कि वह 79 फीसदी दिव्यांग है।

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2018, 12:09 AM IST
HC ordered counseling for a 79% passed student for medical admission to college

बिलासपुर. मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए होने वाले नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट) पास करने के बाद भी छात्रा को दिव्यांगता की वजह से एमबीबीएस में एडमिशन देने से इनकार कर दिया गया। कहीं, कोई उम्मीद न दिखी तो थक-हारकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने छात्रा की जांच के लिए एक्सपर्ट डॉक्टरों की कमेटी बनाई। कमेटी ने कहा कि वह 79 फीसदी दिव्यांग है। चीफ जस्टिस की बेंच ने दिव्यांगता को दरकिनार करते हुए कहा है कि छात्रा कोर्ट में आई थी। उसकी शारीरिक गतिविधियों के आधार पर कहा जा सकता है कि वह पढ़ाई पूरी करने के साथ-साथ डॉक्टर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा सकती है। छात्रा को एमबीबीएस में दाखिला देने के लिए 15 जुलाई तक काउंसिलिंग करें।

छात्रा का शरीर का निचला हिस्सा दिव्यांगता से प्रभावित: बिलासपुर के राधिका विहार में रहने वाले सुमेधा सिंह के शरीर का निचला हिस्सा दिव्यांगता से प्रभावित है। जिला मेडिकल बोर्ड ने जांच के बाद उसे 50 फीसदी दिव्यांग बताया था। पिता कमलेश सिंह राज्य मेडिकल बोर्ड और फिर दिल्ली में जांच कराई ताे प्रतिशत अलग-अलग आया। छात्रा ने एडवोकेट एनके मालवीय के जरिए याचिका लगाई। इस पर चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी और जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर की बेंच में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम से जांच कराई। डीएमई डॉ. एके चंद्राकर की टीम ने बताया कि छात्रा 79 फीसदी दिव्यांग बताते हुए एमसीआई के नियमों के मुताबिक पढ़ाई के लिए उपयुक्त बताया।

8वीं तक छात्र को फेल नहीं कर सकते स्कूल: कोर्ट
हाईकोर्ट ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत 14 वर्ष तक की आयु तक शिक्षा को मौलिक अधिकार निर्धारित किया गया है। ऐसे में किसी छात्र को कक्षा आठवीं में फेल नहीं किया जा सकता। डीपीएस रायपुर ने एक छात्र को 9वीं क्लास में प्रमोट नहीं किया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने सप्ताहभर के भीतर छात्र को प्रारंभिक परीक्षा पूरी करने का सर्टिफिकेट जारी करने के निर्देश दिए हैं। रायपुर के देवेंद्र नगर में रहने वाले डॉ. अनिल खाखरिया का बेटा वत्सल 2017-18 सत्र में दिल्ली पब्लिक स्कूल में 8वीं का छात्र था। स्कूल प्रबंधन ने कम उपस्थिति की वजह से उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी। इस पर सबसे पहले डीईओ से शिकायत की गई थी।

कोर्ट ने शिक्षा का अधिेकार का दिया हवाला: डीईओ द्वारा 9 अप्रैल 2018 को दिए गए आदेश के बाद उसकी परीक्षा ली गई, लेकिन उसने चार पेपर दिए। संस्कृत और गणित के पर्चे में वह अनुपस्थित रहा। संस्था ने उसका नतीजा जारी किया। इसमें उसे क्लास-9 में प्रमोट नहीं किया गया। उसने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसमें कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत 14 वर्ष तक की आयु तक शिक्षा को मौलिक अधिकार निर्धारित किया गया है। इसी तरह 14 वर्ष तक की आयु तक मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम की धारा 16 के तहत किसी भी छात्र को क्लास-8 तक फेल नहीं किया जा सकता। मामले पर जस्टिस संजय के अग्रवाल की बेंच में सुनवाई हुई। डीपीएस की तरफ से छात्र के 207 दिनों में से सिर्फ 11 दिन स्कूल में उपस्थित रहने की वजह से अगली क्लास में प्रमोट नहीं करने की जानकारी दी गई, लेकिन छात्र की तरफ से इसे गलत बताया। सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने संसद द्वारा 14 वर्ष तक की आयु तक मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा मुहैया कराने के लिए अधिनियम पारित किया गया है। इसकी धारा 16 के तहत किसी भी छात्र को प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने तक फेल नहीं किया जा सकता।

मेडिकल की 150 सीटों की अनुमति नहीं कोर्ट ने कहा- एमसीआई का फैसला सही: इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों और क्लीनिकल मटेरियल की कमी समेत कई कमियां मिलने पर एमसीआई की टीम ने निजी मेडिकल कॉलेज को एमबीबीएस की 150 सीटों पर 2018-19 सत्र के लिए अनुमति नहीं देने की अनुशंसा की थी। संस्था ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने कमियां मिलने के आधार पर की गई एमसीआई की अनुशंसा को उचित ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी है। गीतांजलि एजुकेशन सोसाइटी द्वारा भिलाई में शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के नाम से मेडिकल कॉलेज का संचालन किया जाता है। संस्था को 2017-18 में एमबीबीएस की 150 सीटों पर एडमिशन की अनुमति दी गई थी। संस्था ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के समक्ष आवेदन दिया था।

X
HC ordered counseling for a 79% passed student for medical admission to college
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..