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हाईकोर्ट जजों के आवासीय परिसर में दूसरी बार बगैर कॉलम की 60 फीट लंबी बाउंड्रीवॉल गिरी

जरा सी बारिश और हवा से गिर गई हाईकोर्ट आवासीय परिसर की बाउंड्रीवाल। आरोप है कि परिसर में घटिया निर्माण हुए हैं। इस...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:25 AM IST

हाईकोर्ट जजों के आवासीय परिसर में दूसरी बार बगैर कॉलम की 60 फीट लंबी बाउंड्रीवॉल गिरी
जरा सी बारिश और हवा से गिर गई हाईकोर्ट आवासीय परिसर की बाउंड्रीवाल। आरोप है कि परिसर में घटिया निर्माण हुए हैं। इस कारण हादसे हो रहे।

सिटी रिपोर्टर | बिलासपुर

मंगलवार को शाम तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से हाईकोर्ट आवासीय परिसर की बाउंड्रीवाल भरभराकर गिर गई। यह दूसरी बार है जब बाउंड्रीवॉल थोड़ी सी बारिश में ही गिर गई। इससे परिसर में कराए गए घटिया काम की तस्वीर सामने आ गई है। हाईकोर्ट आवासीय परिसर में गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। सरकार ने यहां हाईकोर्ट की स्थापना के साथ ही एक डिवीजन तक इसलिए बना दिया ताकि हाईकोर्ट में होने वाले निर्माण कार्य में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जा सके और गुणवत्तायुक्त निर्माण हो सके लेकिन अफसर सरकार के इस उद्देश्य पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को यह दूसरी बार हुआ जब हाईकोर्ट आवासीय परिसर की बाउंड्रीवाल गिरी है। यह बाउंड्रीवाल करीब 60 फीट लंबाई की है। बाउंड्रीवाल में प्लास्टर तक नहीं चढ़ाया गया था और न ही कॉलम लगाकर बाउंड्रीवाल बनाई गई थी। नतीजा यह हुआ कि मंगलवार को हुई थोड़ी सी बारिश से ही मिट्‌टी ने अपनी जगह छोड़ दी और बाउंड्रीवाल गिर गई। यह बाउंड्रीवाल हाईकोर्ट परिसर में जज क्लब के पास थी जिसका बड़ा हिस्सा जमींदोज हो चुका है। हाईकोर्ट में घटिया निर्माण के मामले सामने आने के बावजूद अफसर बेपरवाह हैं। जांचे चल रही हैं और चल ही रही हैं। पीडब्ल्यूडी के अफसरों को हाईकोर्ट का भी डर नहीं। बुधवार को हुए हादसे में भी यह रवैया सामने आया। वहां पदस्थ अफसरों ने एसई और अन्य अफसरों को जानकारी तक नहीं दी।

मुझे जानकारी नहीं मिली

सीधी बात

आज आप गए थे घटनास्थल पर ?

- आप कहां की बात कर रहे हैं?

हाईकोर्ट आवासीय परिसर में बाउंड्रीवाल गिर गई है?

- मुझे मेरे मातहतों ने कोई जानकारी नहीं दी है। चलिए मैं पता करता हूं।

एक ही जगह पर 16 साल से पदस्थ एसडीओ के कार्यकाल में लगातार मामले होने के बाद भी आपने क्यों नहीं हटाया?

- वे हाईकोर्ट के कामों को अच्छे से जानते हैं। वहां बेहतर तालमेल और सब कुछ अच्छे से हैंडल कर लेते हैं।

आरके रात्रे, एसई, सिटी सर्किल बिलासपुर

हाईकोर्ट परिसर में कई हादसे, अफसर बेपरवाह

मुरूम की जगह मिट्टी



हाईकोर्ट मुख्य बिल्डिंग के निर्माण के दौरान कालम में रेत और मुरूम फिलिंग के स्थान पर ठेकेदार ने खोदी गई मिट्टी ही डाल दी थी। इस मामले का खुलासा होने पर तत्कालीन अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालन अभियंता पीएम कश्यप को सस्पेंड कर दिया गया था। एसडीआे व सब इंजीनियरों को भी नोटिस जारी किए गए थे। उसके बाद मामले में विभागीय जांच चलती रही। अफसर बदलते गए लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी।

पानी में ढह गई थी बाउंड्रीवाल

जून 2013 में भारी बारिश की वजह से चीफ जस्टिस बंगला और उससे लगे बंगले के पीछे हिस्से में पानी जमा हो गया। पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने की वजह से पानी भरता गया। लगभग तीन फीट पानी परिसर में भर गया था। पानी का दबाव पड़ते ही परिसर की कमजोर बाउंड्रीवाल भरभरा कर ढह गई थी। यह दीवार रहंगी तालाब से लगे हुए हिस्से में थी। जब दीवार गिरी तब उसके घटिया मटेरियल का मामला उजागर हो गया था। इस मामले में भी कोई कार्रवाई किसी पर नहीं की गई। खाली नोटिस जारी कर खानापूर्ति कर ली गई थी।

ज्यूडिशियल एकेडमी बिल्डिंग का छज्जा गिरा

हाईकोर्ट बिल्डिंग परिसर में निर्माणाधीन स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी बिल्डिंग की छत का एक हिस्सा ढलाई के दौरान फरवरी 2016 में ढह गया था। इसमें दबकर एक कर्मचारी की मौत हो गई थी। इस काम के दौरान भी लापरवाही बरती गई। मामले की जांच अभी भी जारी है। इस मामले में किसी भी अधिकारी पर काेई कार्रवाई नहीं की गई थी। मंत्री राजेश मूणत ने जांच के लिए गुणवत्ता कंट्रोल के ओएसडी पीएस क्षत्री को जिम्मेदारी दी थी।

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